28 जुलाई को बिहार की एक संस्था के सेमिनार में ले जाई जा रही थीं किशोरियां
बचपन बचाओ आंदोलन के कोआर्डिनेटर ने एएचटीयू में दर्ज कराया मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। 28 जुलाई को गोंडा जंक्शन पर संदिग्ध हालात में मिलीं 15 किशोरियाें व एक किशोर को बिहार ले जाने का मामला प्रकाश में आया था। अब इस मामले में बचपन बचाओ आंदोलन संस्था की ओर से एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई) गोंडा में मानव तस्करी का केस दर्ज कराया गया है।
एएचटीयू प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि 28 जुलाई को गोंडा जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो पर 15 किशोरियां व एक किशोर संदिग्ध हालत में पाए गए थे। जब इनसे आरपीएफ और चाइल्ड लाइन की टीम ने पूछताछ की तो वे कुछ नहीं बता पाए। इन सभी को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया था। बाद में उनके परिजनों से संपर्क साधा गया।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि 15 किशोरियों व एक किशोर को जिले की ही तीन महिलाएं तस्करी करके बिहार के मोतिहारी में एक कंपनी के नाम पर भेज रही थीं। नाबालिगों को कंपनी में बुलाने का मामला गंभीर पाया गया। बचपन बचाओ आंदोलन लखनऊ के कोआर्डिनेटर देशराज सिंह ने बुधवार को तहरीर दी। इस पर खुशबू, रोशनी व रानी के साथ ही स्मार्ट वैल्यू लिमिटेड एमएलएम डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है।