गोंडा। ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे बिजली उपभोक्ता, जिन्होंने कई महीनों से अगर अपना बिल नहीं जमा किया है तो वह अब अपने बिलों का भुगतान सीधे पावर कॉरपोरेशन को कर सकते हैं। क्योंकि इस समय अगर वह अपने बिजली के बिलों का बकाया भुगतान करते हैं तो उन्हें बिल में जुड़कर आने वाले सरचार्ज यानि ब्याज का कोई पैसा नहीं देना होगा और उन्हें इसमें छूट मिलेगी। इसके लिए पावर कॉरपोरेशन ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ओटीएस स्कीम का लाभ देने के लिए यह योजना तीन महीने के लिए लागू की है, ताकि ग्रामीण इलाकों से उसे अच्छा राजस्व प्राप्त हो सके और लोगों को बिल चुकता करने में कोई दिक्कत भी न हो। तीन साल बाद यह पहला मौका है, जब प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को ओटीएस (वन टाइम सेटिलमेंट यानि एकमुश्त योजना) स्कीम का लाभ देने के लिए इस योजना की शुरूआत की है। इससे सीधे तौर पर ग्रामीण इलाकों के 80 हजार उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्र के हर प्रकार के उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जाएगा। चाहे वह घरेलू बत्ती पंखा का कनेक्शनधारी हो या फिर कामर्शियल व ट्यूूबवेल का। इसमें सीधे-सीधे उपभोक्ता को केवल उसी मूलधन का भुगतान करना होगा, जितनी बिजली उसने खर्च की है। जबकि बिजली के बिल में लगकर आने वाले सरचार्ज यानि ब्याज का कोई भी पैसा उपभोक्ता से नहीं लिया जाएगा। मुख्य अभियंता देवीपाटन मंडल हर्ष मुंशी ने बताया कि ओटीएस स्कीम जिले में पूरी तरह से लागू हो गई है, जो अगले तीन महीने तक रहेगी। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता एक हजार रुपये की रसीद कटवाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। साथ ही उन्हें योजना में तीन आसान किश्तों पर अपने बिजली के बिलों का भुगतान करने की भी छूट प्रदान की जाएगी, ताकि उनके ऊपर किसी तरह का कोई बोझ न रहे। ओटीएस स्कीम के लिए मंडल के चारो जिलों में अलग-अलग एक्सईएन को इसके लक्ष्य से अवगत करा दिया गया है। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि हर एक एक्सईएन उपकेंद्रवार अपने जेई को भेजकर इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराए, ताकि कोई भी उपभोक्ता इस स्कीम के लाभ से वंचित न रहे। सभी जेई इस योजना के लिए गांव-गांव कैंप लगाकर लोगों को इसके लाभ से अवगत कराएंगे।