गोंडा। प्रदेश सरकार की ओर से शुक्रवार को पेश किए जाने वाले वित्तीय वर्ष 2014-15 के बजट में राज्य के आर्थिक स्रोत को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। प्रदेश को केंद्र सरकार की निर्भरता कम कर यहां आर्थिक स्रोत के लिए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के साथ-साथ अन्य कार्यक्रमों का संचालन किए जाने की जरूरत है। इसके साथ ही अवस्थापना की सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य व स्थायी रोजगार को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इस बारे में अर्थशास्त्रियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब तक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कार्य नहीं होगा, तब तक सुधार नहीं होने वाला है। अवस्थापना से सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी पर लगाम लगेगी। स्थायी स्रोत से महंगाई पर भी काबू पाया जा सकता है। पेश हैं अर्थशास्त्रियों से बातचीत के अंश। लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के अर्थशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीनानाथ त्रिपाठी का कहना है कि प्रदेश सरकार को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए स्थायी स्रोत का निर्माण करने की जरूरत है। देश में उत्तर प्रदेश एक अहम स्थान रखता है। ऐसे में केंद्र सरकार पर आर्थिक निर्भरता को कम करना चाहिए। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उद्योगपतियों को सुविधाएं मुहैया कराए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, लैपटॉप, कन्या विद्याधन का लाभ न देकर उन्हें स्थायी रोजगार दिए जाने का खाका तैयार करना चाहिए, जिससे युवाओं को स्थायी रोजगार मिल सके। अर्थशास्त्री डॉ. अभय ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए स्थायी आर्थिक स्रोत के निर्माण की जरूरत है। जो संस्थाएं संचालित हैं, यदि उनमें कोई कमी है तो उसे पहले दूर किए किया जाना चाहिए। जैसे अस्पतालों में रिक्त चिकित्सकों के पदों पर तैनाती की जाए। शिक्षक विहीन स्कूलों में अध्यापकों की तैनाती होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्थायी रोजगार दिए जाने के लिए बजट में प्रावधान किए जाने की जरूरत है। प्रदेश में उद्योग धंधों को बढ़ावा दिया जाए। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए बजट में विशेष स्थान दिया जाए। नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय की अर्थशास्त्र की प्राध्यापक डॉ. गीता श्रीवास्तव ने कहा कि जब तक प्रदेश में आर्थिक स्रोत का स्थाईकरण नहीं होगा, तब तक प्रदेश का सर्वांगीण विकास कच्छप गति से चलता रहेगा। बजट में ऐसे प्रस्ताव किए जाने की जरूरत है, जिससे प्रदेश के राजस्व में इजाफा हो।