गोंडा। स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील नहीं दिया जा रहा है। मिड-डे मील प्राधिकरण की हाल ही में आई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 20 विद्यालयों में 23 जुलाई से 30 जुलाई के बीच भोजन नहीं बना, इस कारण करीब 2500 बच्चे भूखे पेट लौटे। बीएसए ने गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारियों को इन विद्यालयों का निरीक्षण कर तत्काल योजना का संचालन कराने का निर्देश दिया है। साथ ही मिड-डे मील न बनने के बाबत जवाब भी मांगा है। मिड-डे मील प्राधिकरण दैनिक अनुश्रवण प्रणाली के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील की निगरानी करता है। प्राधिकरण से आई रिपोर्ट के मुताबिक 23 जुलाई से 30 जुलाई के बीच 20 विद्यालयों में बच्चों को मिड-डे मील नहीं दिया गया। इसमें एक इंटर कॉलेज भी शामिल है। इस कारण इन 20 विद्यालयों के करीब 2500 बच्चों को भूखे पेट वापस लौटना पड़ा। बीएसए श्रीकांत सिंह ने गुरुवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इन बीस विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। साथ ही मिड-डे मील न बनने के बाबत जवाब भी मांगा है।