गोंडा। एनआरएचएम में हुई अनियमितता की जांच कर रही सीबीआई को मांग मांगे गए अभिलेख अभी तक स्वास्थ्य केंद्रों से नहीं मिल सके हैं। सूचनाएं देने से स्वास्थ्य केंद्र आनाकानी कर रहे हैं। सूचनाएं न मिलने पर सोमवार को सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को रिमांइडर भेजकर विशेष पत्र वाहक के माध्यम से सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा है। दिसंबर 2012 में सीबीआई ने 2005-06 से 2010-11 तक जिले में तैनात रहे अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों, उप मुख्य चिकित्साधिकारियों व सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षकों व पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों सहित एनआरएचएम से जुड़े लिपिकों व अन्य कर्मियों के बैंक अकाउंट का विवरण मांगा था। सीबीआई ने इस समय तक एनआरएचएम की विभिन्न योजनाओें में अपनाई गई प्रक्रिया का विवरण भी तलब किया था। इन पांच सालों के दौरान किन-किन योजनाओं में टेंडर कराए गए, किसमें सिर्फ कोटेशन से काम कराया गया। योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भेजी गई गाइड लाइन में किस तरह की व्यवस्था की गयी थी, की जानकारी मांगी थी। अभी तक सीबीआई ने जो भी सूचनाएं मांगी थी, उसे उपलब्ध नहीं कराया गया है। सोमवार को सीएमओ ने सीबीआई को भेजी जाने वाली सूचनाओं की जानकारी की तो पता चला कि एनआरएचएम के बैंक अकाउंट से संबंधित सूचनाएं अभी तक नहीं मिल सकी हैं। जिसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अिधकारी डॉ. जेपी गुप्ता ने सोमवार को जिले के सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी, सीएचसी के चिकित्साधीक्षक आैर पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी को रिमांइडर भेजा है। जिसमें सीबीआई से मांगी गई सूचना विशेष पत्रवाहक के माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा गया है। सीएमओ ने कहा है कि संबंधित सूचनाएं उपलब्ध न कराने पर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी उत्तरदायी होंगे। सीएमओ ने सभी सीएचसी/ पीएचसी को भेजे गये पत्र की प्रति सीबीआई को भी भेजी है।