गोंडा। मंडल में बिजली आपूर्ति को सुधारने व अभियंताओं की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की ओर से नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। अब मंडल के सभी 89,391 ट्रांसफार्मर की निगरानी के लिए उनकी जियो टैगिंग कराई जाएगी। जिससे आसानी से ट्रांसफार्मर फुंकने, खंबों के टूटने या अलग शिफ्ट करने की सूचना विभाग को मिल जाएगी।
पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि मंडल के बिजली संसाधनों और उपभोक्ताओं का संपूर्ण डेटा इकट्ठा कराने के लिए सर्वे कराया जाएगा। ट्रांसफार्मर की भौगोलिक स्थिति, फोटो, मैप और वीडियो के जरिए वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। जिससे गूगल मैप देखकर जगह का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
मनमानी लाइन शिफ्ट नहीं हो सकेगी
अवर अभियंता या संविदाकर्मियों पर आरोप लगता है कि वे अवैध तरीके से किसी व्यक्ति विशेष को कनेक्शन दे देते हैं। जिसकी जानकारी विभाग को नहीं होती है। ट्रांसफार्मर व खंबों की जियो टैगिंग होने से यदि कोई पोल व ट्रांसफार्मर अपने स्थान से परिवर्तित किया गया तो उसकी जानकारी विभाग को हो जाएगी।
कटिया कनेक्शन वालों की तैयार होगी कुंडली
जिले में तीन लाख 90 हजार उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लिया है। जबकि करीब चार लाख से अधिक लोग कटिया कनेक्शन या दूसरों के यहां से लाइन जोड़कर बिजली का उपभोग करते हैं। विभाग की ओर से गांव-गांव सर्वे करवाकर ऐसे लोगों की कुंडली तैयार की जाएगी। फिर उन्हें कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सभी उपकेंद्रों के अवर अभियंता, टीजी-टू व संविदा कर्मियों को सर्वे कर अपने क्षेत्र की सभी सूचनाएं ऑनलाइन करने का निर्देश दिया गया है।
बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए मंडल में जर्जर ट्रांसफार्मर व लाइनों को बदला जा रहा है। अब ट्रांसफार्मर, खंबों व अन्य संसाधनों की जियो टैगिंग करवाकर उनकी निगरानी की जाएगी। खराबी आने पर तत्काल मरम्मत कराई जा सकेगी।
- दीपक अग्रवाल, मुख्य अभियंता, पावर कार्पोरेशन