गोंडा। अयोध्या की चौरासी कोसी परिक्रमा यात्रा के श्रद्धालुओं का जत्था 19 अप्रैल को जिले में दाखिल होगा। इसकी अगुवाई विश्व हिंदू परिषद के परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह करेंगे। जबकि 20 अप्रैल को महंत गयादास के नेतृत्व में दूसरा जत्था प्रवेश करेगा। वहीं परिक्रमा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से अभी कोई भी इंतजाम नहीं किया गया है। पड़ाव स्थलों पर कई इंडिया मार्का हैंडपंप खराब हैं। उधर, स्थानीय लोगों ने परिक्रमार्थियों के स्वागत-सत्कार को लेकर अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं।
धर्मार्थ सेवा संस्थान श्रीअयोध्या धाम की चौरासी कोसी परिक्रमा के संचालक महंत गयादास के मुताबिक परिक्रमा का शुभारंभ सात अप्रैल से मखौड़ा मख स्थान मनोरमा बस्ती से प्रारंभ होकर पूर्णाहुति के बाद 30 अप्रैल को अयोध्या में संपन्न होगी। महंत के मुताबिक 20 अप्रैल को यह परिक्रमा यात्रा मुर्तिहन घाट जनपद बाराबंकी से गोंडा की सीमा ब्लॉक परसपुर के बहुवन मदार मांझा (दुलारे बाग) विजयगंज पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम के लिए परिक्रमार्थियों का पहला पड़ाव डाला जाएगा।
21 को ब्रह्मचारी चौराहा चरसड़ी में जलपान, महंत गयादास ने जम्बू दीप पड़ाव स्थल को (विवादित क्षेत्र) माना है। यहां परिक्रमार्थी साधु-संतों में आपसी टकराव हो जाने से यहां पड़ाव न डाल कर सरयू तट भौरीगंज रामजानकी मंदिर पर दोपहर विश्राम तथा श्रीतुलसी जन्मभूमि राजापुर, सूकरखेत में रात्रि विश्राम के लिए दूसरा पड़ाव डाला जाएगा।
22 को श्रीराम सुमिरन दास कुटी पर जलपान, श्रीनरहरिदास आश्रम पसका सूकरखेत में दोपहर विश्राम व बिंद्राबन खैरा, पुरविहन पुरवा में रात्रि विश्राम के लिए परिक्रमार्थी तीसरा पड़ाव डालेंगे। 23 को ग्राम सकरौर में जलपान, तिवारी पुरवा शिव मंदिर पर जलपान, बखरिहा में दोपहर विश्राम व ग्राम सेमरा में चौथा पड़ाव पड़ेगा। 24 अप्रैल को यह परिक्रमा यात्रा परसपुर की सीमा से वाराही देवी थाना उमरीबेगमगंज के लिए प्रस्थान कर जाएगी। महंत ओंकार दास के नेतृत्व में भी परिक्रमार्थियों का तीसरा जत्था भी परिक्रमा को आता है।