गोंडा। मध्य प्रदेश के भोपाल व पंजाब के तरनतारन जिले के जालसाजों ने इटियाथोक कोतवाली क्षेत्र के धन्नीपुर पूरे बसालत गांव के पंकज मिश्र से 50 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने दोनों जालसाजों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इटियाथोक इंस्पेक्टर दुर्गविजय सिंह ने बताया कि तफ्तीश शुरू की गई है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ठगी का शिकार हुए पंकज मिश्र ने बताया कि साल 2020 में उनकी मुलाकात भोपाल के अयोध्या नगर एमआईजी सेक्टर-212 के रहने वाले मदन गुप्ता व हरवीर सिंह उर्फ काके सरदार निवासी तरनतारन, पंजाब व अस्थायी पता प्रेम विला मंझनपुर, कौशांबी, उ.प्र. से हुई थी। पंकज के मुताबिक दोनों ने उन्हें बताया था कि यूपी में कई जगह उनका रेलवे स्क्रैप का काम चल रहा है। भोपाल में उनकी साधना स्टील के नाम से सरिया की फैक्टरी भी है। दोनों ने बताया कि हाल ही में उन्हें यूपी के फतेहपुर जिले में मौरंग की खदान मिली है, जहां काम चल रहा है। पंकज के मुताबिक मदन व हरवीर ने कहा कि अगर वह उनके बिजनेस में रकम लगाएंगे तो काफी फायदा होगा। दोनों पहले भी पंकज से दो से पांच लाख रुपये तक उधार लिया करते थे। इसी बात पर भरोसा कर पंकज ने मदन गुप्ता व हरवीर सिंह उर्फ काके सरदार को 50 लाख रुपये दे दिए। इसमें 35 लाख रुपये उन्होंने बैंक खाते में आरटीजीएस किए और 15 लाख रुपये नकद दिए थे। पैसे लेने के बाद मदन गुप्ता ने सिक्योरिटी के तौर पर 50 लाख रुपये का चेक व एक स्टांप पेपर भी लिखकर पंकज को दिया था।
पंकज ने बताया कि काफी दिन बीतने के बाद जब दोनों ने कोई काम नहीं दिया और रकम भी नहीं लौटाई तो उन्होंने छानबीन शुरू की। तब पता चला कि दोनों ने कई लोगों को इसी तरह झांसा देकर ठगी की है। फतेहपुर जिले में मौरंग की खदान के जो कागजात दिखाए थे, वह भी कूटरचित निकले। पंकज की शिकायत पर एसपी विनीत जायसवाल ने इटियाथोक इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।