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पीएचसी पर नहीं लगी लाइट तो 307 में होगा मुकदमा

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गोंडा। जिले की किसी भी सीएचसी-पीएचसी व एएनएम सेंटर में अगर मोमबत्ती के उजाले में कोई प्रसव होता पाया गया तो इसके दोषी लोगों के खिलाफ सीधे-सीधे धारा 307 (हत्या के प्रयास) का मुकदमा दर्ज होगा। इसलिए अभी से जिम्मेदार चेत जाएं और जो भी सीएचसी-पीएचसी व एएनएम सेंटर विद्युतीकरण से वंचित हैं, उनका विद्युतीकरण करना शुरू कर दें। मंगलवार को विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में यह कड़े निर्देश आयुक्त देवीपाटन मंडल डॉ. एसवीएस रंगाराव ने दिए। बैठक में जब सीडीओ दिव्या मित्तल ने उन्हें बताया कि जिले में तमाम सीएचसी-पीएचसी के विद्युतीकरण का पैसा काफी पहले से ही पावर कॉर्पोरेशन में जमा करा दिया गया है। बावजूद इसके कई पीएचसी का अबतक पावर कॉर्पोरेशन विद्युतीकरण नहीं करा सका है। इस पर मंडलायुक्त भौंहें टेढ़ी हो गईं और उन्होंने बैठक में मौजूद पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी को जमकर खरी-खोटी सुनाते हुए मोमबत्ती के उजाले में होने वाले प्रसव पर सीधे-सीधे 307 में मुकदमा दर्ज कराए जाने की चेतावनी दे डाली। इसी तरह निर्माण कार्यों की नोडल एजेंसी प्रांतीय खंड की ओर से प्रशासन को गलत और अधूरी सूचनाएं उपलब्ध कराने पर उन्होंने जिम्मेदारों को जमकर फटकार लगाई और अधीक्षण अभियन्ता प्रांतीय खंड व कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबन्धकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की चेतावनी दी। कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस के मंडल के जिलों में धन आवंटन के बावजूद माध्यमिक शिक्षा के तहत कालेजों का निर्माण कार्य न शुरू किए जाने और निर्माण की झूठी सूचना देने पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी। बैठक में आयुक्त ने चारों जिलों के डीएम को निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट, सभी निर्माण विभागों तथा कार्यदायी संस्थाओं से शपथपत्र पर लेने और झूठी रिपोर्ट देने वाले और मानक का विचलन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ गुंडा एक्ट व जिलाबदर जैसी कार्रवाई के निर्देश दिए। उधर मीटिंग में फोन पर बात करने के दौरान सीएमओ को कमिश्नर की डांट सुननी पड़ी।
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