गोंडा। चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस हादसे की जांच से अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। रविवार को गोंडा, डिब्रूगढ़ व गुवाहाटी (मालीगांव) के 41 रेल अधिकारी व कर्मचारी डीआरएम दफ्तर लखनऊ में तलब किए गए हैं। माना जा रहा है कि बयान दर्ज होने के बाद जल्द ही कई लोगों पर गाज गिर सकती है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार सीनियर सेक्शन इंजीनियर वेदप्रकाश मीना, जूनियर इंजीनियर शिवम पांडेय, जेपी भारती, अभिषेक पांडेय, रंजीत कुमार रंजन, प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ मनकापुर श्यामराज, चीफ लोको इंस्पेक्टर दिलीप कुमार, यातायात निरीक्षक जीसी श्रीवास्तव, स्टेशन मास्टर मोतीगंज बंटी मीना व संदीप कुमार, स्टेशन अधीक्षक झिलाही राजेश कुमार, गेटमैन मोतीगंज मुकेश, प्वाइंट मैन रुद्रभान तिवारी, प्वाइंट मैन झिलाही संता कुमार, सहायक मंडल अभियंता प्रांजल शुक्ल, गेटमैन झिलाही प्रमोद कुमार यादव, कीमैन इरशाद अली, अनिल व आसने बुलाए गए हैं। इसके अलावा डिब्रूगढ़, गुवाहाटी (मालीगांव) के रेल अधिकारी व कर्मचारी सीआरएस की जांच के दायरे में आ गए हैं। ये सभी डीआरएम दफ्तर में रविवार को सीआरएस की जांच का सामना करेंगे। हादसे की जांच कर रहे सीआरएस कड़ी से कड़ी जोड़ रहे हैं। जल्द ही रेल अफसरों व कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।