गोंडा। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार के अलावा केंद्र सरकार ने भी खजाना खोल रखा है। नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) के तहत जिले के 38 हेल्थ वेलनेस सेंटरों को चयनित किया गया है। नेशनल टीम के मानकों पर खरा उतरने पर इन सेंटरों की सूरत बदल जाएगी। हर साल दो लाख चार हजार रुपये अतिरिक्त बजट मिलने के साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत 15 प्रतिशत अधिक धन मिलेगा।
एनक्यूएएस योजना के तहत बभनजोत विकासखंड के हेल्थ वेलनेस सेंटर अवसनी बुजुुर्ग व पिपराबाजार, बेलसर के माधोपुर, खमरौनी व आदमपुर, छपिया के खजुरी, करनैलगंज के मसौलिया, प्रह्लादगंज व चकरौत, हलधरमऊ के परसगोड़री व गौरवा खुर्द, इटियाथोक के नरौरा भर्रापुर, परासराय व सिसई का चयन हुआ है।
कटराबाजार के पूरे बहोरी व अशोकपुर, मनकापुर के कुड़ासन व भिटौरा, मुजेहना के रेतवागाढ़ा व विशंभरपुर, नवाबगंज के विश्नोहपुर व रामापुर, पड़रीकृपाल के पड़री कृपाल व रमवापुर श्याम, परसपुर के बल्मेत्थर, बहुअन मदार माझा व पूरे लली, काजीदेवर के केशवपुर पहड़वा, लालपुर चंद्रभान व डड़वा कानूनगो, रुपईडीह के भटपी, कल्याणपुर व कौड़िया, तरबगंज के बहादुरपुर व तिवारी बाजार और वजीरगंज के सहिबापुर, पेड़राही व चंदापुर हेल्थ वेलनेस सेंटर का चयन किया गया है।
योजना के तहत मानक परखने के लिए केंद्रीय टीम इन सेंटरों का चेकलिस्ट के आधार पर असेसमेंट करेगी। ओपीडी, आईपीडी, प्रसव कक्ष, लैब, फार्मेसी, इमरजेंसी, बायोमेडिकल वेस्ट, प्रशासन सहित 12 बिंदुओं पर जांच की जाएगी। प्रत्येक बिंदु पर खरा उतरने पर हर साल 17 हजार रुपये का अतिरिक्त बजट मिलेगा। सभी मानकों पर खरा उतरने पर दो लाख चार हजार रुपये का अतिरिक्त बजट मिलेगा। जांच के पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए जिला गुणवत्ता सलाहकार डॉ. सुशील ने हेल्थ वेलनेस सेंटरों का निरीक्षण कर सीएचओ को जरूरी सुझाव दिए हैं।