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Gonda News: श्रावस्ती जिला पंचायत में 3.57 करोड़ का घोटाला

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गोंडा। देवीपाटन मंडल के श्रावस्ती जिले में सरकारी धन के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। ऑडिट के दौरान टीम ने 48 मामलों में तीन करोड़ 57 लाख 19 हजार 358 रुपये का घपला पकड़ा है। यहां के तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष और अधिकारियों ने निर्धारित दर से लाखों रुपये अधिक भुगतान कर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया है।
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ऑडिट टीम ने जिला पंचायत के तत्कालीन अध्यक्ष, अपर मुख्य अधिकारी, अभियंता के साथ ही वित्तीय परामर्शदाता, लेखाकार, कर संग्राहक व अवर अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए जिलाधिकारी व मंडलायुक्त को रिपोर्ट भेजकर विभागीय कार्रवाई और वसूली कराने की संस्तुति की है।
ऑडिट टीम ने सरकार से मिले अनुदानों की पड़ताल की तो पता चला कि जिला पंचायत के बैंक खातों में 13वें वित्त आयोग का 21.38 लाख व पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि का 91.54 रुपये लाख जमा है। जबकि 13वें वित्त व पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि साल 2015 में ही समाप्त हो चुकी है।
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ऐसे में बिना किसी औचित्य के छह साल से रखी इस धनराशि को वापस नहीं करने और पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के 12.82 लाख रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च को ऑडिट टीम ने गंभीर वित्तीय अनियमितता और दुरुपयोग मानते हुए जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, वित्त परामर्शदाता व लेखाकार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई व 12.82 लाख रुपये की वसूली की संस्तुति की है।
नियमानुसार अंतिम फाइनल बिल देर से प्रस्तुत करने व समय से निर्माण कार्य पूरा न करने पर एक प्रतिशत विलंब प्रतिकर की कटौती होनी चाहिए, लेकिन जिला पंचायत के जिम्मेदार अफसरों ने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कटौती न करके तीन लाख 61 हजार 711 रुपये की आर्थिक क्षति की। टीम ने अपर मुख्य अधिकारी श्रीकांत दुबे, अभियंता जेएन श्रीवास्तव व लेखाकार शैलेंद्र प्रताप सिंह से ब्याज समेत वसूली की संस्तुति की है।
इसी तरह साल 2019-20 में जिला पंचायत के अफसरों ने एक करोड़ 25 लाख 75 हजार 600 रुपये का दुरुपयोग कर सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान पहुंचाया। वहीं, कर वसूली न होने से 48 लाख 27 हजार 666 रुपये की आर्थिक क्षति हुई। हैरानी की बात ये है कि सड़कों का निर्माण करा रहे ठेकेदारों को जिला पंचायत अध्यक्ष व अफसरों ने निर्धारित दर से छह लाख 23 हजार 874 रुपये अधिक भुगतान कर दिया। वहीं, 47 लाख 56 हजार 507 रुपये का अनियमित भुगतान कर सरकारी राजस्व की क्षति की। (संवाद)
ऑडिट टीम ने जिला पंचायत के अभिलेखों की पड़ताल की तो अनियमितता के कई मामले सामने आए। 48 मामलों में गंभीर अनियमितताओं के बारे में जब जिला पंचायत के अधिकारियों से पूछा गया तो वे माकूल जवाब नहीं दे पाए।
ऑडिट टीम की रिपोर्ट पर जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष साक्षी कैराती, अपर मुख्य अधिकारी श्रीकांत दुबे, अभियंता जेएन श्रीवास्तव, लेखाकार शैलेंद्र प्रताप सिंह, जेई कपिलदेव यादव, सहीम अहमद और करण सिंह, कर संग्राहक पंकज सिंह, बाबूराम पांडेय, गंगाराम व लवलेश को जिम्मेदार ठहराते हुए 95 लाख 60 हजार 586 रुपये की ब्याज समेत वसूली के लिए मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी है।
देवीपाटन मंडल के अपर आयुक्त राकेश चंद्र शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत श्रावस्ती में अनियमितता की रिपोर्ट मिली है। संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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