गोंडा। बारिश के बाद जिले में बढ़ी ठंड सांस व हृदय संबंधी रोगियों के लिए मुसिबत बन रही है। खासकर बुजुर्गों के लिए तो यह जानलेवा साबित हो रही है। मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में 28 सांस के रोगी भर्ती हैं। वहीं, शुक्रवार को भर्ती हृदयरोगी समेत चार सांस के मरीजों ने दम तोड़ दिया
पिछले दिनों हुई बारिश के बाद से पारा तेजी से लुढ़क रहा है। रात का तापमान आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ठंड के प्रकोप से बुजुर्ग, सांस रोगी व हृदय रोगियों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। देहात कोतवाली के परसापुर निवासी जयकला यादव (65) को हृदय संबंधी समस्या को लेकर भर्ती कराया गया था, शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कटरा बाजार के तिलका चांदी निवासी यमुना (70) को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी भी शुक्रवार को मौत हो गई। इसी प्रकार छपिया के सरैया निवासी सांस रोगी गुलाबा (70) व इटियाथोक के हरैया निवासी रामलाल (45) ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, मेडिकल कॉलेज के महिला व पुरुष वार्ड में 35 मरीज भर्ती हैं। जिसमें 18 मरीज सांस की समस्या से पीड़ित हैं। वहीं गैलरी व इमरजेंसी में 24 मरीजों में से 10 मरीज सांस की समस्या से पीड़ित हैं।
तीन वर्षों से हृदयरोग विशेषज्ञ की कुर्सी खाली
ठंड के मौसम में हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज में पिछले तीन सालों से हृदयरोग विशेषज्ञ की कुर्सी खाली है। यहां आने वाले हृदय रोगियों को इमरजेंसी में प्राथमिक इलाज कर रेफर कर दिया जाता है। या परिजनों के अनुरोध पर भर्ती कर फिजीशियन से इलाज करवाया जाता है। हर रोज हृदय संबंधी बीमारी से करीब बीस मरीज मेडिकल कॉलेज आ रहे हैं। तीन साल पहले हृदयरोग विशेष डॉ. जीके सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद से अस्पताल में दिल के डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई।
गुनगुने पानी का सेवन करें बुजुर्ग
सर्दी में बुजुर्गों को अस्थमा, डायबिटीज, रक्तचाप, दिल व सांस से जुड़ीं परेशानियों का बढ़ना आम बात है। इनसे बचने के लिए बुजुर्गों को गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। ठंड में घर से बाहर निकलकर सैर करने से परहेज करें।
घर में ही रहकर व्यायाम व योगासन करें। बाग-बगीचे में काम करें। ताजा व गर्म भोजन ही करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आंवला, संतरा, नींबू आदि का प्रयोग अधिक करें।
- डॉ. दीपक सिंह, ईएमओ मेडिकल कॉलेज