गोंडा। स्वास्थ्य विभाग ने 23 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर दिया है। इस दावे के सत्यापन के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की तीन टीम बनाई जाएंगी। जो 15 फरवरी तक ग्राम पंचायतों का सत्यापन कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगी। डीएम की ओर से सूचना भेजे जाने के बाद स्टेट की टीम निरीक्षण कर गांवों को टीबी मुक्त गांव का खिताब देंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त देश बनाने का लक्ष्य रखा है।
इस समय जिले में टीबी के करीब छह हजार सक्रिय मरीज हैं। विभाग की ओर से अभियान चलाकर गांव-गांव से टीबी मरीजों की खोज की जा रही है। नए साल में टीबी मरीजों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। टीबी मुक्त पंचायत के लिए ग्राम पंचायत को 1000 से अधिक की जनसंख्या पर एक से कम रोगी का लक्ष्य रखा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 11 विकासखंडों की 23 ग्राम पंचायतों ने यह लक्ष्य हासिल किया है। इन्हें स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त घोषित किया है। अब इनके सत्यापन के लिए तीन टीमें बनाई जाएंगी।
टीम में चिकित्सक सहित तीन सदस्य रहेंगे
एक टीम में चिकित्सक सहित तीन सदस्य रहेंगे, जो सीएमओ, डीपीआरओ और जिला क्षय रोग अधिकारी की ओर से नामित होंगे। टीम इन ग्राम पंचायतों में पहुंचेंगी और छह मानकों पर सत्यापन करेगी। आकलन के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। वहां से इन ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त की घोषणा होगी।
24 मार्च को डीएम करेंगी सम्मानित
क्षय रोग, जिला समन्वयक विवेक शरण के अनुसार जिन गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा, वहां स्टेट की टीम निरीक्षण करेगी। इसके बाद 24 मार्च को सम्मान समारोह आयोजित कर टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रधानों को डीएम की ओर से सम्मानित किया जाएगा। प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति पत्र के अलावा टीबी मुक्त पंचायत का बैनर दिया जाएगा।