गोंडा। माध्यमिक शिक्षा विभाग में हाईस्कूल और इंटर बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने की प्रक्रिया 214 कॉलेजों के जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आई है। इन कॉलेजों ने तय समय सीमा में विभागीय पोर्टल पर आधारभूत जानकारी नहीं दी है। ऐसे में इन कॉलेजों के पुराने संसाधनों के आधार पर ही परीक्षा केंद्र बनाने पर विचार किया जा सकता है।
वहीं, संंसाधनों के सत्यापन के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील स्तर पर चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। आगामी 10 अक्तूबर तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी को मिलाकर 500 कॉलेज हैं। गत 20 सितंबर तक कॉलेजों को विभागीय पोर्टल पर संसाधनों की जानकारी देनी थी। जिसमें सीसीटीवी कैमरे, कक्ष, शौचालय, बाउंड्रीवाल, गेट, फर्नीचर और पेयजल आदि तमाम आधारभूत सुविधाएं शामिल हैं। इस आधार पर विभाग को बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र बनाए जाने में आसानी होगी। मगर 214 कॉलेजों ने पोर्टल पर कोई जानकारी अपलोड नहीं की है। अब पोर्टल भी बंद हो चुका है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालयों को नोटिस दिया गया है। जिसमें कहा कि वे परीक्षा केंद्र पात्रता से बाहर हो सकते हैं। वहीं, उनके किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।
तहसीलवार कमेटी गठित
विद्यालयों के संसाधनों के सत्यापन के लिए डीएम नेहा शर्मा ने तहसीलवार कमेटी का गठित की है। कमेटी 10 अक्तूबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी में एसडीएम, तहसीलदार, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता के अलावा प्रधानाचार्य को नामित किया गया है।
लापरवाह कॉलेजों की नहीं सुनी जाएगी
20 सितंबर तक पोर्टल पर कॉलेजों को संसाधनों की जानकारी देनी थी। मगर 214 कॉलेजों का ब्योरा नहीं मिला है। ऐसे में पुराने संसाधनों का सत्यापन के बाद परीक्षा केंद्र को लेकर विचार किया जा सकता है। इस दौरान लापरवाही बरतने वाले कॉलेज प्रबंधन के किसी भी दावे को मान्य नहीं किया जाएगा।
-राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक