गोंडा। होली के हुड़दंग में किसी के सिर पर चोट लगी तो किसी का बाइक से गिरने पर हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गया। आंख में भी लोगों को चोटें आईं। रविवार व सोमवार को महाराजा देवी बख्श सिंह मेडिकल कॉलेज समेत 16 सीएचसी में घायल अवस्था में 141 लोग उपचार कराने पहुंचे। इसमें से कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कर उपचार किया गया। दो दिनों तक इमरजेंसी व ट्रॉमा वार्ड के बेड फुल रहे।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर सोमवार को तेज रफ्तार में बाइक चलाते युवा व किशोर नजर आए। पानी से भीगने के कारण लोगों को सर्दी-खांसी की समस्या भी हुई। मेडिकल कॉलेज में दो दिनों में 127 मरीज इमरजेंसी में उपचार कराने पहुंचे। जिसमें से 29 मरीजों को बाइक से गिरने के कारण हाथ-पैर व सिर में चोटें आईं। इनमें अधिकांश की उम्र 30 साल से कम थी। 12 घायलों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उपचार किया गया अन्य को प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया। गंभीर स्थित में पांच मरीजों को लखनऊ केजीएमयू के लिए रेफर किए गए। इसी प्रकार 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 112 लोग घायल अवस्था में पहुंचे।
आंखों में भरा रंग, गुब्बारे से लगी चोट
दुर्घटना में घायलों के अलावा आंखों में रंग जाने से भी लोगों को परेशानी हुई। कुछ लोगों के आंखों की झिल्ली तक में चोट आई। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आयुषी सरदाना के अनुसार मंगलवार को 10 से ज्यादा लोगों की आंखों में होली का रंग पड़ने से जलन की शिकायत रही। जिनका प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया। इसके अलावा गुब्बारे से चोट लगने वाले मरीज भी मंगलवार को उपचार कराने पहुंचे। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार की ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। होली के पर्व को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में छह-छह डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें डॉ. अनवर जमाली, डॉ. आलमशेर खान, डॉ. मुद्दसिर, डॉ. रिजवान, डॉ. गुलाम मैनुद्दीन चिश्ती व डॉ. कलीमुल्लाह की ड्यूटी लगाई गई थी।