गोंडा। छपिया थाना क्षेत्र में अपहरण करके विवाहित युवती से दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने के चार साल पुराने मामले मेें अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम डॉ. दीनानाथ तृतीय ने एक अभियुक्त को 10 साल के कठोर कारावास और 75 हजार रुपये अर्थदंड व दूसरे को तीन साल के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि छपिया थाना क्षेत्र की एक महिला ने पांच नवंबर 2018 को थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया कि 30 अक्तूबर 2018 की रात उसकी 20 वर्षीय विवाहित लड़की को आनंद उर्फ टेकई निवासी घनश्यामपुर थाना छपिया बहलाकर भगा ले गया और उसे कहीं छिपा दिया है।
वह अपने साथ ढाई लाख रुपये कीमत के जेवर भी ले गई है। काफी प्रयास के बाद भी लड़की का कहीं पता नहीं चला। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और विवाहिता को जबरन कब्जे में रखने, जान से मारने की धमकी देने व दुष्कर्म के अपराध का साक्ष्य मिलने पर आरोपी आनंद उर्फ टेकई व जान से मारने की धमकी देकर जेवर लेने के अपराध का साक्ष्य मिलने पर उसके सहयोगी विनय वर्मा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान न्यायालय ने अपराध साबित होने पर दोनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध किया। सोमवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम डॉ. दीनानाथ तृतीय नेे अभियुक्त आनंद उर्फ टेकई को युवती का अपहरण, दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने के अपराध में 10 साल के कठोर कारावास और 75 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।
जबकि सह अभियुक्त विनय वर्मा को जान से मारने की धमकी देकर युवती के जेवर लेने के अपराध में तीन साल के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अदालत के आदेशानुसार जुर्माने की कुल धनराशि में से 50 फीसदी रकम पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा की जाएगी।