गोंडा। छपिया थाना क्षेत्र में 10 साल पुराने गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी तीन भाइयों व उनके पिता को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 10 साल कैद और एक लाख 16 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार पाठक ने बताया कि छपिया थाना क्षेत्र के ग्राम कमालपुर निवासी राम औतार ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया था।
इसमें बताया था कि 22 अगस्त 2013 को जमीन की रंजिश के कारण गांव के रामजीत व उनके बेटे मुक्तनाथ, दूधनाथ व विश्वनाथ अपशब्द कहने लगे। विरोध पर घर में घुसकर लाठी-डंडे से मारने लगे। बचाने आए उसके चाचा संपतिराम को भी पीटा।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की। इस बीच घायल चाचा संपतिराम की मौत हो गई। गैर इरादतन हत्या के मामले में पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी मुक्तनाथ व विश्वनाथ के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर अदालत ने आरोपी रामजीत व दूधनाथ को भी तलब कर लिया। न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार दिया। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने दोषियों को सजा सुनाई।