गोंडा। मुंजेड़ पश्चिम पुरवा गांव में कंबाइन से गेहूं कटाई के बाद भूसा तैयार करते समय रविवार दोपहर थ्रेशर से निकली चिंगारी से पास के खेत में आग लग गई। लपटों ने देखते ही देखते पूरे खेत को चपेट में ले लिया। सूचना पर फायरब्रिगेड की गाड़ी तो समय से मौके पर पहुंच गई मगर पानी न मिलने की वजह से खड़ी रह गई। ग्रामीणों ने किसी तरह मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया। मगर तब तक करीब दस एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
बेलसर ब्लॉक के मुंजेड़ पश्चिम पुरवा गांव में मंगलवार दोपहर कुछ लोग गेहूं की कटाई के बाद थ्रेशर से भूसा तैयार कर रहे थे। इसी बीच थ्रेशर से अचानक निकली चिंगारी से गेहूं के खेत में आग लग गई। आग की लपटें आसपास के गेहूं के खेतों में फैल गईं। ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। मगर आग की लपटें तेजी से बढ़ती गईं। देखते ही देखते दस एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
गांव के मुरली सिंह की आठ बीघा, राजेश सिंह की आठ बीघा, चंद्रभूषण सिंह की छह बीघा, सुशील सिंह की पांच बीघा, रवि सिंह की दस बीघा, जगतपाल सिंह की पांच बीघा व विष्णु की तीन बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि सूचना देने पर फायरब्रिगेड की गाड़ी आ गई थी मगर आसपास पानी न मिलने के कारण गाड़ी खड़ी रह गई। मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों ने तरबगंज तहसील में अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की मांग की है। लेखपाल गंगाराम पांडेय ने बताया कि आग से हुए नुकसान का आकलन कर तहसील प्रशासन को रिपोर्ट भेजी गई है।