कहा था कि घर के लोग कभी भी मेरी हत्या कर सकते हैं। मेरे आने से पहले ही ससुर और जेठों ने मेरे पति को मार डाला। वो बार-बार बेसुध हो जा रही थी। शहनाज अख्तर की तहरीर पर पुलिस ने अमजद के पिता ऐनुद्दीन खां, भाई नौशाद खां, इरफान खां और भाभी मेहरू निशां के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। एसएचओ दिलदारनगर अशेषनाथ सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
शहनाज अख्तर ने बताया कि तीन साल पहले दिलदारनगर के अमजद से शादी हुई थी। एक वर्ष बाद मेरी सास की मौत हो गई। इसके बाद घर में संपत्ति विवाद होने लगा। 9 माह पहले जुड़वा बेटी हुई। इस कारण मैं मायके में थी। रमजान के बाद मुझे यहां आना था। संपत्ति विवाद में ही पति की हत्या की गई।