मुहम्मदाबाद। ‘यास’ तूफान ने सब्जी की खेती तबाह कर दी है। मुहम्मदाबाद क्षेत्र में परवल के खेतों में जलजमाव हो गया है। सब्जी के खेत पानी से लबालब हैं। ऐसे में सब्जी की खेती करने वाले किसानों की कमर टूट गई है। ऐसे में किसान सरकार की से मदद की आस लगाए हैं। कोरोना काल में आए यास तूफान ने लोगों पर कहर बरपा दिया है। कर्ज लेकर किसानों ने परवल की खेती किया था। बरसात के कारण खेतों में जलजमाव हो गया है। व्यापक स्तर पर लौकी, नेनुआ, भिंडी, खीरा, करेला, हरी मिर्च, तरोई, बोरो आदि हरी सब्जी की खेती करने वाले किसान परेशान हैं। उनकी फसल सड़ने के कगार पर है। किसानों का कहना है कि एक तो कोरोना के कारण हमारे खेतों में पैदा होने वाली सब्जियां बाहर नहीं जा रही थी। औने पौने दाम पर उन्हें बेचकर किसी तरह जीविका चल रही थी। अब अतिवृष्टि ने उन फसलों को भी बर्बाद कर दिया। नाशपाती की फसल शत-प्रतिशत क्षतिग्रस्त हो गई है। करइल क्षेत्र में पिछैती प्याज के खेत में पानी लग जाने से 25 प्रतिशत प्याज के सड़ जाने का खतरा पैदा हो गया है