गाजीपुर। पैगंबर-ए-इस्लाम के नवासे शोहदा-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन एवं उनके जांनिसार साथी जिन्होंने इस्लाम और इंसानियत की बका के लिए शहादत तो कुबूल की लेकिन यजीद की बैयत कुबूल न की। बेटे, भाई, भतीजे सहित दर्जनों अजीज की शहादत के बाद भी इमाम अपने उसूल से डिगे नहीं। इन्हीं शोहदा-ए-कर्बला की याद में सोमवार को नगर के नखास, गोराबाजार, मुहम्मदपुर, मिश्रबाजार, जंगीपुर, बहरियाबाद, गंगौली, शादियाबाद, दरगाह, मलिकन गांव, देईपुर, झोटना, अरजानीपुर, हुसैनपुर, सादात, शादियाबाद, सौरम, भितरी, जलालाबाद, पारा, नोनहरा, सुसुंडी, मजुई सहित अन्य मुस्लिम बहुल गांवों और कस्बों में अकीदतमंदों ने इमामबाड़ों एवं घरों में न केवल मजलिस-ओ-मातम किया बल्कि देर शाम जुलूस के साथ विभिन्न चौक पर ताजिया रख खिराजे अकीदत पेश किया।
मुस्लिम बहुल मुहल्लों से पूरे दिन एवं देर शाम तक या अली, या हुसैन, हक हुसैन, या अब्बास, हाय सकीना की सदाएं बुलंद होती रहीं। अजादाराने हुसैन ने फर्श-ए-अजा बिछाई। इसके बाद जिक्रे शोहदा-ए-कर्बला की एवं जाकेरीन एवं ओलमा ने तवारीखे कर्बला एवं मसाएबे शोहदा-ए-कर्बला बयान किया। देर शाम लोगों ने फातिहा ख्वानी एवं नज्र-ओ-नेयाज किया। इसके बाद विभिन्न चौक पर ताजिया रखा गया। इस दौरान विभिन्न अंजुमनों के लोगों द्वारा मातम, जंजीर का मातम, नौहाख्वानी एवं सीनाजनी की जाती रही।
जुलूस में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होगा
बहरियाबाद। स्थानीय कस्बा स्थित मदरसा बहरुल उलूम के मैदान में ताजियादार एवं कस्बे के अन्य गणमान्य लोगों की बैठक हुई। मुहर्रम के सिलसिले में तीसरी बैठक हुई। थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने विभिन्न चौक पर रखे जाने वाले ताजिया एवं उसकी लंबाई-चौड़ाई एवं जुलूस निकाले जाने के समय सारिणी की एक बार पुन: जानकारी लेते हुए ताजिया के जुलूस की वीडियोग्राफी का ताजियादारों को निर्देश दिया। कहा कि जुलूस में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होगा। उत्तर एवं दक्षिण मुहल्ला के जुलूस आने के रास्ते एवं खेल के मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर शहंशाह, वजीहुल हसन, शहंशाह, शमीमुलवरा, सलीम अंसारी, दानिशवरा, निसार अहमद, अब्दुल खालिक, शब्बर हसन, हबीबुर्रहमान, अनीसवरा, शारिब आदि उपस्थित थे।