गाजीपुर। जिला प्रशासन ने अंत्येष्टि स्थलों पर अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियों की कीमत तय कर दी है। साथ ही अधिक मूल्य न लिया जाए इसके लिए टीम भी गठित कर दी गई है जो लगातार इस पर निगाह रखेगी। अधिक कीमत लिए जाने की शिकायत पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इतना ही नहीं लकड़ी की मूल्य तालिका को दुकान के आगे चस्पा करना होगा। संक्रमितों एवं अन्य कारणों से हुई मौत का आंकड़ा बीते अप्रैल माह से बढ़ गया है। ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में शवदाह स्थलों पर शव जलाने के लिए बेचने वाली लकड़ियों का मूल्य मनमाना वसूला जा रहा था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोग शवों को गंगा में प्रवाहित कर दे रहे थे। तीन दिन पूर्व दो दिनों तक लगातार दो थाना क्षेत्रों में स्थित गंगा घाटों के किनारे शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। जब जिला प्रशासन ने अपने स्तर से पूरे मामले की छानबीन की तो पता चला कि शवदाह स्थलों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए बेची जा रही लकड़ियों को दोगुने से तीन गुने दामों पर बेचा जा रहा है। ऐसी स्थिति में जिलाधिकारी ने वन विभाग की ओर से मिली आख्या के आधार पर प्रति क्विंटल 650 रुपये दर निर्धारित कर दिया। साथ ही नगर क्षेत्र के लिए पर्यवेक्षण अधिकारी पवन कुमार मीना एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश उपाध्याय के नेतृत्व में टीम गठित कर नजर रखने का निर्देश जारी किया है।
खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। - एमपी सिंह, डीएम