उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में 10 ऐसी महिलाएं हैं, जो पशुओं के लिए चारा लाने चार स्टेशन दूर जाती हैं। रोजाना ट्रेन में सवार होकर घाट काटने के लिए जाती हैं।
गाजीपुर सिटी स्टेशन के समीप इलाके की करीब 10 महिलाएं रोजाना जौनपुर जाने वाली मेमू से सफर करती हैं। ये महिलाएं पशुओं के लिए घास काटने के लिए चार स्टेशन दूर बसूचक जाती हैं। हालांकि ये महिलाएं टिकट नहीं खरीदती हैं।
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महिलाएं सुबह 6.20 बजे मेमू ट्रेन पर गाजीपुर सिटी स्टेशन से बिना टिकट के सवार हो जाती हैं। इसके बाद जौनपुर से वापसी में 11.12 बजे आने वाली मेमू के पहुंचने से पहले ही कई गट्ठर घास काटकर स्टेशन पहुंच जाती हैं। ट्रेन के बसूचक पहुंचते ही घास को ट्रेन पर रखकर चढ़ जाती हैं। इसके बाद नंदगंज, सहरी, आंकुशपुर के बाद गाजीपुर सिटी स्टेशन तक खुद आती हैं।
महिलाएं स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही चलती ट्रेन से घास के गट्ठर को गिरा देती हैं। बता दें कि यह स्थिति बारिश होने के चलते बनी है। महिलाओं का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में उन्हें ऐसा करना पड़ता है। कहती हैं कि वे जब कोयले से ट्रेन का इंजन चलता था, तब से बारिश के मौसम में ट्रेन से घास के लिए यात्रा करती हैं।