गाजीपुर। लोकसभा चुनाव के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं जो गर्भवती हैं या उनके छोटे बच्चे हैं। ये खुद को ऐसी स्थिति में ड्यूटी करने में असमर्थता जता रही हैं। शुक्रवार की देर शाम तक बड़ी संख्या में महिलाएं कर्मचारी अपने परिजनों और मासूम बच्चों को लेकर सीडीओ कार्यालय पहुंच गईं। आरोप लगाई की घंटों इंतजार के बाद भी सीडीओ उनसे नहीं मिले। जबकि उन्होंने उनकी हालत देखते हुए ड्यूटी से मुक्त रखने का आश्वासन दिया था।
लोकसभा का चुनाव जिले में सातवें एवं अंतिम चरण में कराया जा रहा है। पहली जून को होने वाले मतदान के लिए हजारों की संख्या में कामिक लगाए गए हैं। इनमें महिलाओं की भी काफी संख्या है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष प्रीति सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी ड्यूटी न काटे जाने पर परिस्थिति जन्य महिलाओं संग विकास भवन पहुंचीं। जिलाध्यक्ष ने बताया कि गर्भवती एवं छोटे-छोटे बच्चे को लेकर दूरदराज से पहुंची महिलाएं दिन में 1.30 बजे से शाम सात बजे तक सीडीओ का इंतजार करती रहीं। सीडीओ ने विकास भवन आने के बाद भी महिला शिक्षक संघ की पदाधिकारियों से मिलने से इंकार कर दिया। अंत में सभी महिला शिक्षक निराश होकर वापस लौट गईं। सीडीओ से मिलने पहुंची महिलाओं में गायत्री राय, सुप्रिया जायसवाल, सुषमा, रिम्पू सिंह, शाहीन फातमा, प्रतिभा सिंह, बबिता मिश्रा, स्मृति, श्वेता, गीता वर्मा, अपराजिता आदि थीं। सीडीओ संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि मीटिंग चल रही थी। मुझे इसकी जानकारी भी नहीं थी। वैसे भी आवेदन करने वाले महिलाओं के प्रार्थना पत्रों को निस्तारित कर दिया गया है। गर्भवती महिला कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जा रही है। इसके बाद भी यदि कोई पात्र है तो आवेदन दें, नियमानुसार स्थिति को देखते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी।