इधर, अधिवक्ता अवध नारायण यादव ने पत्नी की हत्या करने का आरोप विपक्षियों पर लगाया। अधिवक्ता अवध नारायण यादव ने बताया कि विपक्षी सुनील यादव, मोनू और राम शरण सुबह भूमि पर पहुंचे और पशुओं का नाद फेंक कर स्वंय ही पशुओं को बांध कर कब्जा कर लिए। जब पत्नी वहां गई तो विपक्षियों ने उसे मारने की नियत दौड़ा लिया। वह भागते समय बिजली के तार में फंस गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। तब- तक जखनिया तहसील से अधिवक्ता घर पहुंचे और शव को तहसील पर ले जाने की जिद पर अड़ गए, लेकिन पुलिस समझाने में जुटी रही। घटना स्थल पर पहुंचे एसडीएम कमलेश सिंह ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा शांत हुआ।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में शादियाबाद श्यामजी यादव ने बताया कि अधिवक्ता अवध नारायण यादव की तहरीर पर ग्राम प्रधान रामशरण, सुनील यादव, मोनू और रामजद के खिलाफ नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।