जिला अस्पताल के महिला वार्ड में सावित्री देवी (45) की उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को मौत हो गई। स्वजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने से महिला की मौत हुई है। इस बात को लेकर परिजन मुकदमा दर्ज कराने पर अड़े हुए थे। मौके पर पहुंचे मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ आनंद मिश्रा ने पैनल गठित कर पोस्टमार्टम कराने की बात कही। लेकिन वो बिना पोस्टमार्टम कराए चले गये।
करंडा ब्लाक के लीलापुर गांव निवासी सावित्री देवी को बुधवार को जिला अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती कराया गया था। जिन्हें मिर्गी की बीमारी थी। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे के आस-पास उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका के भतीजे मनचंदा उपाध्याय ने बताया कि दोपहर में मौजूद उपस्थित डॉक्टर और कर्मचारियों की देखरेख में चाची को चार इंजेक्शन लगाए गए। इसके आधे घंटे बाद उनकी मौत हो गई। जबकि इंजेक्शन लगाए जाने से पहले वे ठीक-ठाक थीं। उनकी मौत गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से हुई है।
इस बात को लेकर स्वजन हंगामा करने लगे। डाक्टर पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े स्वजनों का मामला मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ आनंद मिश्रा के पास पहुंचा तो उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही। इस पर स्वजन अपनी शिकायत पत्र देकर मृतक को लेकर घर चले गए। शुक्रवार की सुबह में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।