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Ghazipur News: ''अपार'' से जानेंगे विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति और उपलब्धि

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गाजीपुर। एक राष्ट्र, एक छात्र के तहत अब हर छात्र की विशिष्ट पहचान होगी, जो उसकी बाल वाटिका से पीएचडी की पढ़ाई और नौकरी पाने तक मददगार होगी। आधार की तर्ज पर काम करने वाली आईडी को ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) नाम दिया गया है। 12 अंकों की ''अपार'' आईडी आधार से लिंक होगी। यह प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के छात्र-छात्राओं के वर्तमान पीईएन (पेन) नंबर का स्थान लेगी। इसके लिए अभिभावकों से सहमति पत्र भी लिया जाएगा। इससे सभी स्कूलों के छात्र-छात्राओं की शैक्षिक प्रगति एवं उपलब्धि की ट्रैकिंग की जा सकेगी। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी।
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केंद्रीय एवं नवोदय विद्यालयों के कक्षा-नौ से 12 तक के विद्यार्थियों की तरह अब प्रदेश के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों की ''अपार'' यूनिक आईडी बनाई जाएगी। बाल वाटिका में जैसे ही छात्र दाखिला लेगा उसका उसकी 12 अंक की यह आईडी बन जाएगी। इसमें छात्र एवं माता-पिता के नाम, जन्मतिथि, लिंग, फोटो एवं आधार नंबर डाला जाएगा। यह आईडी उसके उच्च शिक्षा में भी काम आएगी। बोर्ड परीक्षा, जेईई, नीट, सीयूईटी सहित अन्य राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के आवेदन पत्र में छात्र को यही आईडी अपलोड करनी होगी। साथ ही डिजी लॉकर की सहायता से सभी एकेडमिक अभिलेख वेरिफाइएबल क्रिडेंशियल के रूप में प्राप्त हो सकेंगे। इसके अलावा स्कूल से इतर भी बच्चों का चिह्नीकरण किया जा सकेगा। छात्र-छात्राओं की शैक्षिक यात्रा तथा उनके अंकपत्र आदि के विवरण स्वतः इस आईडी में सुरक्षित हो जाएंगे। केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों की तरह ही यू-डायस पोर्टल के माध्यम से अपार आईडी के सृजन की व्यवस्था की जाएगी। इसको बनाए जाने का कार्य विद्यालय स्तर से ही लॉगइन करते हुए किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से निर्देश दिया गया है कि इसके लिए बच्चों के माता-पिता या अभिभावक के साथ पैरेंट-टीचर मीटिंग कर उन्हें इसका लाभ बताया जाए। साथ ही उनका आधार भी एकत्र किया जाए। इसके अलावा उनसे अपार आईडी संबंधित सहमति पत्र लिखित रूप से प्राप्त करने को कहा गया है। सहमति पत्र को स्कूल में ही संरक्षित रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।- हेमंत राव, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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