संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय संजय कुमार यादव की अदालत ने मंगलवार की देर शाम पत्नी हंता पति को आजीवन कारावास के साथ ही 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार थाना रामगढ़ जिला कैमूर बिहार के गांव आकोदी निवासी नरेश चौधरी ने थाना भांवरकोल में 27 अक्टूबर 2011 को तहरीर दिया कि उसने अपनी बहन रानी की शादी 2004 में थाना भांवरकोल के वीरपुर निवासी सुभाष चौधरी के साथ हुई था। इस बीच उसका पति सुभाष मारपीट करता था । 26 अक्टूबर 2011 को किसी बात पर सुभाष ने मारा पीटा और सब्जी काटने वाले चाकू से मारकर लहूलुहान कर दिया।
विवाहिता के शोर पर काफी लोग एकत्र हो गये थे। जब तक लोग उसे अस्पताल ले जाते, तब तक विवाहिता की मौत हो गई थी। गांव वाले की सूचना पर भाई बहन के ससुराल गया और थाना में जाकर सूचना दिया।
वादी की सूचना पर थाना भांवरकोल में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर जेल भेज दिया और विवेचना उपरांत आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन की तरफ से कुल सात गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को उपरोक्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।
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पति और सास को कारावास
गाजीपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार की अदालत ने नंदगंज थाना क्षेत्र के बरहमपुर गांव में विवाहिता को मारने पीटने और दहेज के लिए प्रताड़ित करने के मामले में ससुर और पति को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सास को तीन वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है।
गहमर थाना क्षेत्र के गहमर पट्टी गंगा विशन राय निवासी विश्वनाथ सिंह की पुत्री आशा सिंह की शादी संतोष सिंह के साथ 23 नवंबर 2005 को हुई थी। शादी के तीन माह बाद से ही पति संतोष सिंह, सास मीरा सिंह और ससुर राजदेव सिंह, ननद अर्चना सिंह और देवर चंदन सिंह दहेज के लिए मारने पीटने लगी।
तब पीड़िता के भाइयों ने 50,000 ससुराल वालों दो दिए । इसके बाद भी आशा के ससुराल वालों के व्यवहार में कोई कमी नहीं आई। तीन नवंबर 2011 को विवाहिता आशा को पति, सास और ससुर कोलकाता छोड़ आए और पैसे मांगे। ससुराल वालों की प्रताड़ना से उबकर आशा ने परिवाद पत्र न्यायालय में दाखिल की। अदालत ने पति सास और ससुर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई और पति और ससुर को जेल भेज दिया।