भांवरकोल। थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव में शुक्रवार को सर्पदंश से एक महिला की मौत हो गई। शव देख कुछ देर बाद सदमे में पति ने भी दम तोड़ दिया। घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। पुत्रों व पुत्री के रोने-बिलखने से हर कोई मर्माहत है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पति-पत्नी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वीरपुर गांव निवासी शांति देवी (40) देर शाम परिजनों के साथ खाना खाकर आंगन में चारपाई पर सो रही थी। देर रात सर्प ने उसके पैर में डस लिया। इस दौरान महिला की नींद टूट गई और वह चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर परिवार के लोग पहुंच गए और टार्च से देखा सांप आंगन में घूम रहा था। परिवार के सदस्यों ने सांप को मार डाला। इधर महिला की स्थिति बिगड़ने पर उसे झाड़फूंक के लिए अमवा के सती माई लेकर आए। वहां से रात करीब 2.30 बजे घर आ गई, लेकिन कुछ ही देर बाद शांति देवी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे बिहार प्रांत के प्रतापगढ़ अस्पताल ले गए। हालत गंभीर देख डाॅक्टराें ने बक्सर अस्पताल भेज दिया। वहां डाक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग शव लेकर जैसे ही घर पहुंचे कुछ देर बाद सदमे में मृतका के पति रामप्रवेश ऊर्फ गुड्डू की भी मौत हो गई। पति- पत्नी की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी होते ही ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पुत्रों एवं पुत्रियों को बिलखता देख ग्रामीणों की भी आंखें भर आईं। थानाध्यक्ष विवेक कुमार तिवारी ने बताया कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने पति-पत्नी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अनाथ हो गए बच्चे, पुत्री के विवाह की हसरत रह गई अधूरी
वीरपुर गांव में सर्पदंश से पत्नी तो सदमे में पति की मौत ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है। मृत दंपति के दो पुत्र विक्की, अरुण राम और एक पुत्री ममता हैं। माता- पिता की मौत से बच्चे अनाथ हो गए। ग्रामीणों में चर्चा थी कि पुत्री की धूमधाम से विवाह करने की हसरत भी अधूरी रह गई। दंपति मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। एक-एक पैसे जोड़कर इकलौती पुत्री के हाथ पीले करने की तमन्ना थी।