सावन के महीने में तेज धूप और गर्मी के बीच बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली है। दो दिनों की बारिश से मौसम खुशनुमा होने के साथ खेती-किसानी को लेकर रौनक भी बढ़ गई। जनपद में बुधवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट बदला और आधे घंटे की झमाझम बारिश हुई। इसके बाद बृहस्पतिवार को दिन भर बदरा रिमझिम बरसता रहा। जिसके बाद खेती-किसानी का काम तेज हो गया। दिन भर भींगते हुए किसानों ने धान की नर्सरी उखाड़ने के साथ रोपाई के लिए जी-जान से जुट गये।
यह बारिश ग्रामीण सहित शहरी क्षेत्रों के लिए आफत भी बन गई। जगह-जगह जल-जमाव होने से लोगों को गली, मुहल्ले, सड़क और कार्यालयों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शहर के कचहरी स्थित रोटरी क्लब, रौजा, चंदननगर, महुआबाग, सकलेनाबाद, जिला महिला अस्पताल परिसर समेत तमाम जगहों पर बारिश का पानी इक्ट्ठा हो गया। जमानियां संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के बरूईन बघरी हेतिमपुर लहुआर बेटाबर चित्तावनपट्टी सैदाबाद अभईपुर गायघाट रायपुर धुस्का देवैथा बड़ेसर आदि दर्जनों गांव के खेतों में धान की पौध की रोपाई आरंभ हो गई।मानसूनी बारिश होने से क्षेत्र के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में सूख रही धान की नर्सरी में रौनक लौट आई। जुताई करके छोड़े गये खेत बरसात के अभाव में पड़े थे। दो दिनों की बारिश से उनकी गर्मी निकल गई।
औड़िहार संवाददाता के अनुसार, सैदपुर क्षेत्र में बुधवार से शुरू हुई झमाझम बारिश बृहस्पतिवार को दोपहर तक अनवरत बनी रही। इससे किसान खुशी से झूम उठे हैं।वहीं, कामकाजी लोगों, कार्यालय और स्कूल आने जाने वाले लोगों तथा कांवरियों के लिए यह बारिश बाधा बनी रही। पानी और जलजमाव के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त रहा। सुबह से ही वर्षा का सिलसिला जारी रहने से लोगों को अपने दफ्तरों में पहुंचने में कठिनाई हुई। स्कूल कॉलेजों में बच्चे गिनती की संख्या में ही स्कूल पहुंच सके।
प्राथमिक विद्यालय सैदपुर प्रथम व द्वितीय एवं कई कमपोजिट विद्यालयों के परिसर में पानी भरा होने के कारण कई तरह की दिक्कतें आई। राजकीय महाविद्यालय सैदपुर के मुख्य द्वार पर तीन फीट तक पानी लगा होने के कारण लोग विद्यालय कक्ष तक पहुंचने में परेशान दिखे। सैदपुर नगर के मुख्य मार्ग यूनियन बैंक की शाखा के सामने लोक निर्माण विभाग निरीक्षण गृह के सामने की सड़क जलजमाव और कीचड़ से आने जाने वालों के लिए मुसीबत खड़ा करती रही। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रो में बृहस्पतिवार को दोपहर में झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। पानी के अभाव में धान की रोपनी नहीं हो पाई है उन्हें धान की रोपाई का मौका मिल गया है। वहीं, वर्षा के चलते नगर के कई मुहल्लों में जल-जमाव के चलते लोगों को गंदे पानी में घुस कर आना जाना पड़ा है। दोपहर में बच्चो की छुट्टी के समय वर्षा होने के कारण बच्चों को भीग कर घर जाना पड़ा।
भीमापार संवाददाता के अनुसार, बारिश से किसानों को तो धान की रोपाई समेत खेती के अन्य कार्यों में सहूलियत हुई जबकि सड़कों पर जलभराव और कीचड़ से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान रविंद्र सिंह कहते है कि बारिश से खेत में लेव लगाने में सहुलियत होगी, जिससे जुताई करके खेत तैयार कर धान की रोपाई करने में भी मदद मिलेगी। एक तरफ जहां बारिश से किसानों को फायदा हुआ है, वहीं इससे बाजार, कस्बा और गांवों में सड़कों और गलियों में जलभराव और कीचड़ होने के कारण राहगीरों की सांसत हो गई है। क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों समेत मंगारी, भीमापार,दलीपरायपट्टी, वरहपार, आदि गांवों के अंदर सड़कों पर कीचड़ फैलने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दो दिनों में 104 मिमी बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में बुधवार और बृहस्पतिवार के दौरान करीब 104 मिमी बारिश हुई। जनपद के सभी सात तहसीलों में औसतन करीब 15 मिमी बारिश हुई है। जबकि सेवराई और सदर तहसील में सबसे अच्छी होने की बात कही जा रही है। आने वाले दिनों में बारिश होने के अनुमान है।