गाजीपुर। कई दिनों से हो रही बूंदाबंादी और बारिश के चलते दलहनी फसलों पर इसका असर पड़ने लगा है। किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि इसी तरह भारी बारिश होती रही तो उनकी दलहनी फसलों का क्या होगा। विशेषज्ञ भी इस बात से इंकार नहीं कर रहे हैं। जिले में इस बार कुल 32474 हेक्टेयर क्षेत्र में दलहनी फसलों की खेती की जा रही है। कृषि विभाग ने इस वर्ष 62608 क्विंटल दलहनी फसलों के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इस बार 4263 हेक्टेयर में चना 7727 क्विंटल, मटर 4218 हेक्टेयर में 7318, मसूर 14143 हेक्टेयर में 21270, अरहर 8337 हेक्टेयर में 13191, मूंग 64 हेक्टेयर में 40 तथा उर्द 855 हेक्टेयर में 62 क्विंटल उत्पादन का लक्ष्य रखा है। बावजूद इसके कुदरत के कहर के कारण इन फसलों का उत्पादन प्रभावित होने का डर किसानों को सता रहा है। किसानों के अनुसार दलहनी फसलों की फली एवं फूल को बारिश से काफी नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश से खेतों में पानी लगने से बोई गई दलहनी फसलों के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि दलहनी फसलों को नुकसान न पहुंचे इसके लिए खेतों में पानी न लगने दें। इस वर्ष अच्छी पैदावार होगी। 32474 हेक्टेयर में इस बार 62608 कुंतल दलहनी फसलों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।