गाजीपुर। मौसम ने शुक्रवार की दोपहर अचानक करवट ली। आसमान में बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। पछुआ हवा के साथ मौसम में हुए बदलाव को देख लोग बारिश की आशंका से चिंतित हो उठे। कृषि विभाग ने साफ किया कि बारिश गेहूं के लिए तो फायदेमंद होगी लेकिन आलू और तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचाएगी। मौसम साफ होने के बाद पिछले 72 घंटे से तापमान में निरंतर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान छह डिग्री से बढ़कर नौ और 12 डिग्री तक पहुंच गया। सर्दी का असर कम होने और धूप खिलने से दिन में गर्मी का एहसास होने लगा। दो दिन से दिन के वक्त गर्म कपड़ों को लोग रखने लगे थे। शुक्रवार की दोपहर मौसम का रूख एकाएक बदला और आसमान में बादल छा गए। देर शाम सर्द हवा के साथ बढ़ती ठंड से लोग परेशान दिखे। वहीं, ग्रामीण इलाके में भी मौसम का बदला मिजाज देख किसान एवं ईंट भट्ठा संचालक बारिश की आशंका से चिंतित दिखे। बारिश होने से फसलों को जहां लाभ होगा, वहीं अगर आंधी चली तो काफी नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही ज्यादातर भट्ठों पर ईंट पथाई का कार्य चल रहा था। मौसम बिगड़ने के साथ ही अब कच्ची ईंटों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। जिला कृषि उप निदेशक मृत्युंजय सिंह ने बताया कि बारिश से जहां गेहूं की फसल को फायदा पहुंचेगा, वहीं तिलहनी फसलों के साथ आलू को नुकसान होगा।