रेवतीपुर से होकर नगदीलपुर, कामाख्या-गहमर मुख्य मार्ग पर वीरऊपुर गांव के पास बाढ़ का पानी गुरुवार को सड़क पर पांच फीट तक करीब दो सौ मीटर लंबाई में हिलोरे लेने के चलते यह मार्ग पूर्णरूप से बंद हो गया। इसके चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। बाढ़ का पानी अब क्षेत्रीय ग्रामीण इलाकों हसनपुरा, नसीरपुर, दुल्हपुर, परमान्दपुर, अठहठा, बीरऊपुर ,नगदीलपुर, रेवतीपुर रामपुर, तिलवां ,टौंगा, उधरनपुर,लखीमीपुर आदि गांवों के पास बाढ़ का पानी आने से लोग भयभीत होने लगे हैं। प्रशासन ने 9 बाढ़ राहत केंद्र बनाने के साथ ही चार बाढ़ शरणालय बनाए हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालय गरूआ मकसूदपुर, खंड विकास कार्यालय रेवतीपुर, इंटर कालेज नवली, इंटर कालेज डेढगावां, प्राथमिक विद्यालय पटकनियां, इंटर कालेज सुहवल, रेलवे स्टेशन ताडीघाट, इंटर कालेज नगसर, जूनियर हाईस्कूल गहमर बाढ़ राहत चौकी एवं राहत उपकेंद्र बनाए गए हैं। ब्लाक मुख्यालय रेवतीपुर, इंटर कालेज नवली, इंटर कालेज सुहवल, इंटर कालेज डेढगावां को बाढ़ शरणालय बनाया गया है।.उपजिलाधिकारी जमानिया राजकुमार ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए ऐहतियातन उपाय कर लिया गया है।