मेडिकल काॅलेज अस्पताल के आर्थो विभाग के एक चिकित्सक की बेतुकी बयानबाजी और सामान की गुणवत्ता खराब होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। डॉक्टर वीडियो में यह कहते नजर आ रहे हैं कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे सामान से अपने कुत्ते का भी प्लास्टर न करें। मरीज के परिजनों को बकैती निकालने की भी धमकी देते दिख रहे हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस पर जांच बैठा दी है। एक बालिका के पैर में चोट आने के बाद परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले आए थे। वहां डॉक्टर ने प्लास्टर कर दिया था। पुन: दर्द होने पर परिजन मंगलवार को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने कहा कि अस्पताल में जो सामान मिल रहा है, उससे प्लास्टर करने के बाद भी ठीक नहीं होगा। बाहर से दो से ढाई हजार में सामान मिलता है, जो ठीक रहता है। डॉक्टर ने परिजनों से यहां तक कहा कि जो सामान प्लास्टर के लिए मिलता है, उससे अपने कुत्ते का भी प्लास्टर न करूं। इस बात को लेकर परिजनों से बहस करने के साथ ही चिकित्सक ने बकैती निकालने और एक सेकेंड में ठीक करने की भी चेतावनी दे डाली। आर्थो विभाग के विभागाध्यक्ष अवनीश मिश्रा ने बताया कि चिकित्सक का बयान बेतुका है। प्लास्टर के लिए पीओपी दी जाती है, जो बेहतर है। प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर जांच की जा रही है।