सादात। स्थानीय ब्लॉक के टांडा गांव के पास उदंती नदी पर बने पुल का उत्तरी-पूर्वी किनारा टूटकर धंस गया था, जिसकी मरम्मत करा दी गई है। शुक्रवार को इसके दोनों तरफ मिट्टी के ढेर के बने अवरोधक को हटा दिया गया और पुल पर वाहनों का आवागमन बहाल कर दिया गया है। लगभग एक-डेढ़ महीने तक इस पुल पर वाहनों का आवागमन अवरूद्ध रहा।
पुल के उत्तर एवं पूर्व हिस्से की रेलिंग का कुछ हिस्सा टूट गया था और पुल पर सड़क का कुछ भाग भी धंस गया था। इस पर चलना खतरे से खाली नहीं था। इसके बाद भी खतरे का मोल लेते हुए कई महीनों तक छोटे-बड़े वाहन और लोग इस पर आते-जाते रहे। इससे नाराज होकर टांडा गांव निवासी एवं पूर्व प्रधानाध्यापक हरदेव राम ने धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी विभाग को दी थी। इसके बाद मौके पर आए जेई ने पुल की स्थिति देखी और किसी दिन कोई बड़ी घटना न घट जाए, उसे भांपते हुए इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी। उच्च अधिकारियों ने इस पुल से आवागमन रोकने और इसकी तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया। डेढ़ महीने बाद अब यह बनकर तैयार हो गया है और आवागमन के लिए खोल दिया गया है। इस पुल पर आवागमन अवरूद्ध होने से बहरियाबाद, सादात, शादियाबाद, हंसराजपुर और गाजीपुर जाने वाले वाहन प्रभावित रहे।