सब्जी की खेती करने वाले किसानों का पुरवाई के मौसम ने खूब साथ दिया। मौसम की मेहरबानी से जब सब्जियों की बंपर पैदावार हो गई तो भाव ही झटका खा गए। इससे किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। नेनुआ पांच तो खीरा आठ रुपया किलो बेचना पड़ रहा है। सैदपुर इलाके में किसान ककड़ी और तरबूज की खेती के साथ ही नेनुआ, पालक, खीरा, लौकी, परवल, करैला, बैगन और भिंडी आदि की खेती खूब करते हैं। किसानों ने बताया कि इस बार मौसम ने ऐसा साथ दिया कि पुरवइया लगातार बही और खेतों में बंपर पैदावार हुई। सब्जियां भरपूर हुई लेकिन इनके दाम इतने कम हो गए कि अब लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। किसानों ने बताया कि इस वर्ष मौसम ने तो भरपूर साथ दिया लेकिन बाजार भाव ने ही दगा दे दिया। हालत यह है कि नेनुआ चार-पांच, परवल 14-15, तरबूज छह तो खीरा आठ रुपए किलो बेचना पड़ रहा है। जबकि ककड़ी दो और लौकी पांच रुपए पीस देनी पड़ रही है।
बड़े शौक से हमने नगदी फसल जानकर सब्जी की खेती की थी। भाव गिरने से समस्या पैदा हो गई हैैै। - संजय पांडेय
खुले बाजार में भिंडी, नेनुआ, करेला अभी भी 20-25 के भाव बिक रहे हैं। बिचौलिए लाभ उठा रहे हैं। - संजय सिंह
पैदावार से किसानों के चेहरों पर जो मुस्कान आई थी। सब्जियों के भाव गिरने से खत्म हो गई है।- बलिराम प्रजापति
जिन किसानों ने किराए पर खेत लेकर सब्जियां उगाई थीं। उनके सामने कठिन समस्या उत्पन्न हो गई है। - संजय कुमार सिंह