कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर केंद्र सरकार ने किशोरों का तीन जनवरी टीकाकरण करने की घोषणा तो कर दी है लेकिन स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोई तैयारी शुरू ही नहीं की है। बड़ी बात तो यह है सप्ताह भर बाद ही टीकाकरण होना है लेकिन जिले में कितने किशोर हैं, इसका सटीक आकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि गाइड लाइन आने पर सर्वे के आधार पर तैयारियां की जाएंगी।
कोरोना से बचाव के लिए कोरोना वैक्सीन ही कारगर है। टीकाकरण के बल पर ही कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सका है। कोरोना की पहली लहर के समय टीका को लेकर बहुत से लोगों में भ्रम की स्थिति थी। दूसरी लहर में जब संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी तो जागरूक हुए लोगों ने टीकाकरण कराना शुरू किया था। बड़ी संख्या में लोगों ने टीका लगवा कर खुद को सुरक्षित किया। देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार ने जहां 15 से 18 वर्ष तक किशोर- किशोरियों का टीकाकरण करने की घोषणा की है। साथ ही सतर्कता और एहतियात बरतने की भी अपील की है। बचाव को लेकर शासन ने रात्रि कालीन कर्फ्यू लगाने के साथ मास्क का प्रयोग सहित प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया। सरकार की ओर से किशोरों का टीकाकरण करने की घोषणा की अभिभावकों ने सराहनी की है और उनमें अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति विश्वास जगा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से किशोरों का टीकाकरण करने को लेकर कोई तैयारी नहीं की गई है।
कोट
किशोरों का टीकाकरण करने को लेकर अब तक कोई गाइड लाइन नहीं आई है। दिशा- निर्देश मिलने पर सर्वे कराने के बाद ही टीकाकरण कार्य शुरू किया जाएगा।-डॉ. उमेश कुमार, एसीएमओ व नोडल अधिकारी।