बहुचर्चित उसरी चट्टी हत्याकांड में अभियोजन की तरफ से सोमवार को गवाह मुख्तार अंसारी बांदा जेल से पेश नहीं किया जा सका। इसमें उच्च न्यायालय द्वारा पारित स्थगन आदेश प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने साक्ष्य के लिए एक फरवरी की तिथि नियत की है।
अपर सत्र न्यायाधीश/एमपीएमएलए कोर्ट दुर्गेश की अदालत में अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक नीरज कुमार श्रीवास्तव की तरफ से मुकदमे के वादी मुख्तार अंसारी का बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराने का आवेदन दिसंबर में दिया गया था। इस पर आरोपियों के अधिवक्ता के तरफ से आपत्ति की गई, जिसको न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया कि वादी मुकदमा मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित करें। अभियोजन की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर दी गई, जिसमें 19 जनवरी को उच्च न्यायालय ने चार सप्ताह के लिए कार्रवाई को स्थगित करते हुए आदेश पारित किया है। अदालत में बृजेश सिंह अधिवक्ता के जरिए और त्रिभुवन सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित हुए।