विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया, जिसमें से दो आरोपियों की विचारण के दौरान मौत हो गई। इस मामले में गवाह रमेश राम ही गवाही हुई। इसी दौरान गवाह ने अपने सुरक्षा के बाबत प्रार्थना पत्र दिया, जिसे न्यायालय ने मंजूर करते हुए कोतवाली प्रभारी मुहम्मदाबाद को गवाह को समुचित सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/एमपी- एमएलए कोर्ट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को बिहार के तत्कालीन सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित कुल 8 लोगों के विरुद्ध लंबित मामले में गवाह के न आने से अगली तिथि पांच सितंबर नियत की है।
मालूम हो कि 8 नवंबर 1993 को सुबह साढ़े 10 बजे मुहम्मदाबाद थाने के शाहनिंदा चौराहे पर पप्पू यादव ने नारेबाजी व फायरिंग करते हुए चक्का जाम कर दिया था। रोकने पर उनकी तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बीएन शर्मा के साथ हाथापाई हुई थी। जिससे 127 लोगों को नामजद किया गया था। विवेचना के बाद पप्पू यादव, दीपक यादव, मनोज भारती, सुकेश राय, समसुल्हक, असरारुलहक उर्फ लाडल, भरत यादव उर्फ फेकन व मंजेलाल राय पर आरोप तय किए गए। उक्त मामले में गवाही के लिए तिथि नियत थी लेकिन गवाह के न आने से पांच सितंबर नियत तारीख तय की गई है।