भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी गाजीपुर का दो दिवसीय 24वां सम्मेलन एक मैरेज हाल के विश्वनाथ शास्त्री सभागार में शनिवार को शुरू हुआ। मुख्य अतिथि पार्टी के राज्य सचिव डॉ. गिरीशचंद्र शर्मा ने झंडोत्तोलन किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जन मुद्दों पर राजनीति केंद्रित थी लेकिन आज यह स्वार्थों पर आधारित हो चली है। आजादी के बाद देश ने काफी प्रगति की है, लेकिन आर्थिक विषमता में वृद्धि ही हुई। मोदी सरकार में लोगों की आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य की समस्या अनियंत्रित हो गई है। आम आदमी की क्रय शक्ति बेहद घट गई है। जातिवाद, सांप्रदायिकता, अवैज्ञानिक विचारों में वृद्धि हुई है। सरकार इसे संरक्षण प्रदान कर रही है। सरकार ने तय कर लिया है कि हम पूंजीपतियों के लिए ही काम करेंगे। नोटबंदी, जीएसटी, तीन कृषि कानून, अग्निपथ योजना जनविरोधी ही साबित हुए। इसलिए आज वामपंथी, जनवादी, धर्मनिरपेक्ष ताकतों की एकता जरूरी है।
राज्य सह सचिव पूर्व विधायक इम्तियाज अहमद ने कहा की प्रदेश सरकार प्रत्येक मोर्चे पर विफल है। सांप्रदायिकता को लक्ष्य करके सारा काम कर रही है, इसलिए संघर्ष तेज करना होगा। सम्मेलन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के जिला सचिव रामप्यारे राम, एमसीपीआई के राम सिंघासन एवं सीपीएम के जिला सचिव विजयबहादुर सिंह ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता रामजी गुप्ता, पूर्व प्रमुख रामायण यादव, डॉ. रामबदन सिंह ने संयुक्त रूप से की।