दिलदारनगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से बिहार के झाझा तक दो नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। दोनों रेलवे लाइनों को बिछाने पर 17 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों रेलवे लाइन 400 किलोमीटर लंबी होगी। इस प्रोजेक्ट को रेल मंत्रालय की ओर से मंजूरी दे दी गई है। प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने से दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर सफर आने वाले दिनों में काफी आसान हो जाएगा। बिहार के दानापुर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा तक दो रेलवे ट्रैक है। अब दो नए रेलवे ट्रैक होंगे। नए रेलवे ट्रैकों का निर्माण होने से ट्रेनें लेटलतीफी की शिकार नहीं होंगी। साथ ही अधिक स्पीड के ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण कार्य की प्रक्रिया अगले कुछ ही महीनों में चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ हो जाएगी। पीआरओ ने बताया कि रेलवे बोर्ड की ओर से चरणबद्ध तरीके से इसकी स्वीकृति प्रदान की जा रही है। इसके तहत इसे पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल तथा किऊल-झांझा जैसे छोटे-छोटे रेलखंडों में बांटा गया है। प्रथम चरण में लगभग 931 करोड़ रुपये की लागत से 6.6 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण सहित बख्तियारपुर से फतुहा (24 किमी) तथा लगभग 392 करोड़ रुपये की लागत से 01 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण सहित बख्तियारपुर से पुनारख (30 किमी) की स्वीकृति रेलवे बोर्ड की ओर से प्रदान कर दी गई है। बख्तियारपुर-पुनारख निविदा प्रक्रिया शीघ्र ही पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। पुनारख से किऊल 2514 करोड़ की अनुमानित लागत तथा लगभग 903 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किऊल-झाझा रेलखंड की स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शेष रेलखंडों की स्वीकृति विभिन्न स्तर पर प्रक्रियाधीन है। दानापुर रेल मंडल प्रबंधक विनोद कुमार ने बताया की 17 हजार करोड़ रुपये से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जं.-झाझा के मध्य 400 किमी तीसरी और चौथी रेल लाइन बनेगी। तीसरी और चौथी रेल लाइन निर्माण की प्रक्रिया कुछ महीनों में शुरू हो जाएगी। संवाद