गाजीपर। शहर के पुलिस लाइन के पास नवीन स्टेडियम का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि जिला खेल कार्यालय की मानें तो कार्यदायी संस्था की तरफ से इसे 30 नवंबर तक पूरा करने का दावा किया गया है, लेकिन कार्य की जो गति है उससे इसको निर्धारित समय पर पूरा कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
शहर के गोराबाजार मुहल्ले में कई दशक पहले नेहरू स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। छोटा होने के कारण कई खेलों विशेषकर क्रिकेट, फुटबाल की प्रतियोगिता का यहां आयोजन करा पाना संभव नहीं हो रहा था। इससे युवा खिलाड़ी निराश थे। उनकी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने पुलिस लाइन के पास स्थित 6.310 हेक्टेयर में नवीन स्टेडियम का निर्माण कराने का फैसला लिया। बताया गया है कि प्रशासनिक भवन, दर्शक दीर्घा, बास्केटबाल कोर्ट, चहारदीवारी, ओवरहेड टैंक, गार्ड रूम, पंप हाउस एवं तीन गेट के निर्माण के लिए उस समय करीब चार करोड़ 70 लाख की धनराशि कार्यदायी संस्था को उपलब्ध कराई गई थी। वर्ष 2018 के जनवरी माह में समारोहपूर्वक आयोजित कार्यक्रम में इसका उद्घाटन हुआ। करीब छह करोड़ 29 लाख की लागत से बन रहे स्टेडियम के निमार्ण का कार्य शुरू हुए कई वर्ष बीत गए लेकिन यह अभी तक पूरा नहीं हो सका है। प्रशासनिक भवन, दर्शक दीघा, चहारदीवारी बन गई है लेकिन प्रशासनिक भवन में फर्श, विद्युतीकरण, सीढ़ी पर रेलिंग, रंगाई-पुताई, दर्शक दीर्घा एवं चहारदीवारी की रंगाई-पुताई आदि काम शेष है। बास्केटबाल कोर्ट का निर्माण, सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर, काऊ कैचर और ट्रांसफार्मर अभी नहीं लगा है। खेल कार्यालय के अनुसार कार्यदायी संस्था की तरफ से इसे इस 30 नवंबर तक पूरा कर लेने की बात कही गई है लेकिन अभी जितना कार्य शेष है उससे इसके अगले कुछ और सप्ताह तक पूरा होने की उम्मीद कम नजर आ रही है।
खल रही है टेबल टेनिस के प्रशिक्षक की कमी
गाजीपुर। जिला खेल कार्यालय की ओर से विभिन्न खेलोंं के कैंप चलाए जा रहे हैं। इसमें एथलेटिक्स, वाॅलीबाल, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, हाॅकी, खो-खो, कबड्डी, फुटबाल में प्रशिक्षक युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराश रहे हैं। टेबल टेनिस का प्रशिक्षक न होने से इस खेल में रुचि रखने वाले खिलाड़ियों को निराशा हो रही है।
नवीन स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा करने के संबंध में कार्यदायी संस्था की तरफ से 30 नवंबर तक कार्य पूरा कर लेने की बात कही गई है। अभी प्रशासनिक भवन में कार्य चल रहा है। बास्केटबाल कोर्ट का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। चहारदीवार एवं गेट की रंगाई-पुताई शेष है। - अरविंद यादव, जिला क्रीड़ाधिकारी