थाना क्षेत्र के सरैला गांव में बुधवार को दोपहर दो बजे चहारदीवारी ढहने से उसमें दबकर दारे बालको की मौत हो गई। जबकि दो घायल हो गए। चालक जेसीबी छोड़ कर फरार हो गया। उधर, मुआवजे की मांंग को लेकर परिजनों ने पुलिस का शव देने से इंकार कर दिया। सरैला गांव निवासी अमजद खान अपने मकान के सटे चहारदीवारी के अंदर जेसीबी से मिट्टी भरवा रहे थे। मिट्टी का दबाव चहारदीवारी पर पड़ने से अचानक वह भरभराकर गिर गई। बाहर खलिहान में खेल रहे अमर उर्फ लालू (7) पुत्र झिल्लु बिंद, प्रदीप (8) पुत्र रणजीत बिंद, रामशीष बिंद के पुत्र पंकज (6) और पवन (10) मलबे में दब गए। घटना के बाद चालक जेसीबी छोड़ फरार हो गया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर बालकों को बाहर निकाला। हादसे में बालक अमर उर्फ लालू और प्रदीप की मौत हो चुकी थी। वहीं गंभीर रूप से घायल पंकज और पवन को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां से डॉक्टरों ने उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस बच्चों के शव को कब्जे में लेने का प्रयास करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। परिवार के लोग मुआवजे की मांग पर आड़े रहे। वहीं सेवराई एसडीएम राजेश प्रसाद, नायब तहसीलदार विपीन चौरसिया, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक बलवंत भी पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। लेकिन वह नहीं माने। एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी ने बताया कि परिजनों को समझा- बुझाकर शव कब्जे लेने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर कार्रवाई होगी।