गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश विजय पाल की अदालत ने शुक्रवार को हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को सात- सात साल कैद की सजा सुनाई है। कारावास के साथ ही दोनों पर पांच- पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन के अनुसार कासिमाबाद कोतवाली के मेख गांव निवासी गगिया देवी ने पुलिस को तहरीर दी थी कि 4 अक्टूबर 2020 को शाम पांच बजे गांव के ही लोग आपस में वाद विवाद कर रहे थे। उसी बीच पति सती राम ने कुछ बोल दिया था। नाराज होकर अनिल पति को मारने- पीटने लगा। इससे पति बेहोश हो गए। उन्हें कुछ देर बाद होश आया तो सोचा की हल्की-फुल्की चोट आई होगी और ठीक हो जाएंगे। 7 अक्टूबर 2020 को सती राम की तबीयत बिगड़ गई। उनको उपचार के लिए मऊ भर्ती कराई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने आजमगढ़ रेफर किया गया। वहां उनकी मौत हो गई। पीड़िता की सूचना पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। दौरान विवेचना अनिल के भाई डब्लू राम का भी नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता ने नौ गवाहों को पेश किया। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद सजा सुनाते हुए दोषियों को न्यायालय ने जेल भेज दिया।