करंडा (गाजीपुर)। सैदपुर कोतवाली के देवचंदपुर पेट्रोल पंप पर पंद्रह दिन पहले गोलियों से छलनी कर किसान त्रिभुवन सिंह की हत्या कर दी गई थी। घटना में शामिल फरार चल रहे दो शातिर अपराधियों में से एक ने बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जबकि दूसरा पुलिस का दबाव बढ़ते देख खुद थाने पहुंच गया। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी सहित चार पहले से ही जेल में बंद हैं। शेष की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही थी। पुलिस की माने तो हत्याकांड में मुख्य आरोपी सहित दो नामजद तथा आठ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 14 अक्तूबर की रात देवचंदपुर पेट्रोल पंप पर स्कार्पियों समेत दो वाहनों से आए बदमाशों ने जहां किसान त्रिभुवन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पेट्रोल पंप के गार्ड समेत चार की पिटाई करने के साथ तीन हथियार भी लूट लिए गए थे। पुलिस लगातार मुख्य आरोपी कर्मवीर सिंह सन्नी एवं आनंद सिंह ढोलक पर जहां 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था, वहीं गोशंदेपुर गांव निवासी धनजी सिंह, देवचंदपुर निवासी अरविंद सिंह, करंडा के गौरव सिंह और सादात थाना क्षेत्र के मंगारी पट्टी गांव निवासी चंदन सिंह पर 25-25 हजार का इनाम घोषित की थी। इस मामले में दो शातिरों को पुलिस ने पकड़कर पूछताछ के बाद सलाखों के पीछे भेज दिया। जबकि मुख्य आरोपी 50 हजार के इनामिया कर्मवीर सिंह उर्फ सन्नी ने जहां सदर एसडीएम कोर्ट के बाहर आत्म समर्पण कर दिया था। पचास हजार का इनामी आनंद सिंह ढोलक ने गोरखपुर पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया था। इसे खानपुर थाने पर लाया गया और दोनों मुख्य आरोपियों से लूट के तीन हथियारों को बरामद करने के बाद पुलिस अधीक्षक ने खुलासा किया था। पुलिस के बढ़ते दवाब को देखते हुए 25 हजार इनामी अरविंद सिंह ने जहां पुलिस से बचते हुए न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया। जबकि दूसरा 25 हजार का इनामी धनजी सिंह खुद थाने पहुंचकर अपना समर्पण कर दिया।