गाजीपुर। गोराबाजार स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में बना ट्रामा सेंटर मरीजों के इलाज की जगह दवा स्टोर बनकर रह गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन को अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा भवन सुपुर्द नहीं किया गया है। जबकि कई बार पत्राचार हुआ, बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इधर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी दवा रखने के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में अब इस भवन को क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी मेडिकल प्रशासन ने शुरू कर दी है, जिससे दुर्घटना में घायल मरीजों को बेहतर और तत्काल उपचार मिल सके, जिससे उन्हें गैर जनपदों का सहारा न लेना पड़े।
करीब दो करोड़ की लागत से नगर क्षेत्र और मुहम्मदाबाद में ट्रामा सेंटर स्थापित कराया गया था, जिससे गंभीर पीड़ित मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधाएं मिल सके। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद दो वर्ष पहले कार्यदायी संस्था ने स्वास्थ्य विभाग को भवन सुपुर्द कर दिया। इधर मुहम्मदाबाद में स्थापित ट्रामा सेंटर को कोविड टीकाकरण केंद्र में परिवर्तित कर दिया गया और गोराबाजार स्थित ट्रामा सेंटर में दवाइयां रखी जाने लगी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जब दोनों ट्रामा सेंटरों के संचालन की जानकारी ली गई तो स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने डॉक्टरों, सर्जनों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी दिखाकर पल्ला झाड़ते रहे। इसी दौरान राजकीय मेडिकल कालेज का संचालन शुरू हो गया। साथ ही कालेज से जिला और महिला अस्पताल संबद्ध होने के साथ वहां की चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के सुदृढ़ होने की प्रक्रिया शुरू हो गई। वहीं ट्रामा सेंटर को सुपुर्द करने के लिए मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य ने विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भी लिखा, लेकिन दवा रखने की जगह न होने का हवाला देकर टाल मटोल जारी रहा। ऐसे में शासन द्वारा स्थापित ट्रामा सेंटर के उद्देश्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। इधर कालेज प्रशासन इस भवन को अब क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी में जुटा हुआ है, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिले।
भवन को सुपुर्द करने के लिए कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाया जा रहा है। क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा तीन दिन के अंदर भेजा जाएगा, जिससे मरीज चिकित्सकीय सुविधाओं से लाभान्वित हो सके। - डा. आनंद मिश्रा, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज
पचास बेड का होगा क्रिटिकल यूनिट
गाजीपुर। ट्रामा सेंटर में बनने वाला क्रिटिकल केयर यूनिट 50 बेड का होगा। इसमें आने वाले मरीजों को आपरेशन के लिए इधर-उधर ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वहां ओटी स्थापित कराई जाएगी, जो अत्याधुनिक जीवन रक्षक यंत्रों और आपरेशन के यंत्रों से लैस होगा। इस सुविधा के शुरू होने से दुर्घटना में घायल मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा और उनका जीवन बच सकेगा।