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खानपुर सीएचसी केतीन चिकित्सकों का स्थानांतरण

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जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रीकॉशन डोज के लिए मेगा कैंप आयोजित किया गया था, लेकिन खानपुर सीएचसी पर ताला लटका हुआ था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। करीब चार दिन बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने वहां तैनात तीन डॉक्टरों को दूसरे सीएचसी पर स्थानांतरण कर कार्रवाई का कोरम पूर्णकर पीठ तो थपथपा ली, लेकिन ऐसे लापरवाह लोगों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मेगा कैंप जैसे प्रमुख शिविर के अलावा कई ऐसी केंद्र और प्रदेश सरकार योजनाएं हैं, जिसका लाभ लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के चलते लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
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बीते सात अगस्त को जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएसी, पीएचसी, जिला और महिला अस्पताल सहित 78 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रीकॉशन डोज के लिए मेगा कैंप का आयोजन हुआ था। इसमें खानपुर सीएचसी भी शामिल था। गोद लिए खानपुर सीएचसी पर मेगा कैंप का शुभारंभ करने जब भाजपा के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री रामतेज पांडेय पहुंचे तो वहां ताला लटका हुआ था। करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार के बाद वह वापस लौट गए, लेकिन वहां तैनात चिकित्सक उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और जिलाधिकारी एमपी सिंह को दी थी। डॉक्टरों की लापरवाही और मनाने रवैये के चलते प्रीकॉशन डोज के लिए नहीं आयोजित हुई मेगा कैंप के मामले को अमर उजाला ने बीते आठ अगस्त के अपने अंक में पेज नंबर दो पर गोद लिये सीएचसी पर था ताला, उद्घाटन करने पहुंचे भाजपा नेता इंतजार कर लौटे शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। इधर मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था। स्वास्थ्य विभाग ने बीते 10 अगस्त खानपुर में तैनात डा. केपी सिंह को सीएचसी भदौरा, डा. सुनील कुमार को सुभाखरपुर और डा. शिवम पांडेय को सीएचसी कासिमाबाद स्थानांतरित करने के साथ प्रभार प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी के प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। ऐसे में विभाग ने ऐसे लापरवाह चिकित्सकों का स्थानांतरण कर पीठ तो थपथपा ली, लेकिन इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई। विभाग द्वारा सिर्फ कार्रवाई के नाम स्थानांतरण की मेहरबानी की चर्चा लोगों बनी हुई है। इस संबंध में एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि मेगा कैंप के दिन तीनों चिकित्सकों अनुपस्थित थे। इसको लेकर कार्रवाई की गई है।
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