जिला अस्पताल परिसर स्थित ट्रामा सेंटर।
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गाजीपुर। गोराबाजार स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में बनकर तैयार ट्रामा सेंटर के संचालन को लेकर स्वास्थ्य महकमा पशोपेश में है। वजह सर्जन की तैनाती का न होना है। ऐेसे में हादसों में घायल मरीजों को तत्काल उपचार नहीं मिल पा रहा है। उधर, पिछले साल मुहम्मदाबाद ट्रामा सेंटर में भी सर्जन न होने से उसे अब जच्चा-बच्चा केंद्र के रूप में संचालित किया जा रहा। करीब दो करोड़ से ऊपर की लागत से बने छह बेड के ट्रामा सेंटर को शासन ने सड़क दुर्घटनाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को तत्काल उपचार देने के लिए बनाया है। यहां अत्याधुनिक चिकित्सकीय व्यवस्थाएं मौजूद हैँ। जिसका लाभ देकर मरीजों गंभीर मरीजों को बचाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर उन्हें गैर जिलों के अस्पतालों में भेजा जा सके। लंबे समय से जिले में जनरल सर्जन की तैनाती को लेकर शासन को दर्जनों बार अवगत कराते हुए पत्र लिखा गया। इधर जौनपुर से एक जनरल सर्जन की तैनाती शासन ने जिले में की, लेकिन गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए उसने जिले में आने से मना कर दिया। ऐसे में यहां नए बने ट्रामा सेंटर में सर्जन न होने से इसे शुरू नहीं कराया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर अब परेशान है। वहीं, बीते वर्ष मुहम्मदाबाद ट्रामा सेंटर का उद्घाटन कर उसे चिकित्सकीय सेवाओं के लिए सुपुर्द कर दिया गया। जबकि विशेषज्ञ डाक्टरों एवं जनरल सर्जन की कमी से कई माह तक इसका संचालन नहीं हो सका। ऐसे में विभाग ने भवन को क्रियाशील रखने के लिए अब वहां प्रसव का कार्य शुरु कर दिया। स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी यहां किया जाने लगा है। सीएमओ डा. जीसी मौर्या ने बताया कि जनरल सर्जन की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में जिस उद्देश्य से ट्रामा सेंटर को स्थापित कराया गया। वह पूरा नहीं हो रहा है। जनरल सर्जन की तैनाती को लेकर पत्र शासन को भेजा गया है। मुहम्मदाबाद ट्रामा सेंटर को क्रियाशील रखने के लिए प्रसव कार्य में उसका उपयोग किया जा रहा है। -