-बचे काम को तीन दिन में पूरा करने का दिया गया है समय, नियर डीओएम ने जारी किया है पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवतीपुर। अगर अब कुछ ठीक रहा तो दिलदारनगर से नए स्टेशन सोनवल होते हुए गाजीपुर सिटी स्टेशन जाने वाली नई रेल लाइन पर बहुत जल्द ही सवारी गाड़ी के अलावा मालगाड़ी का संचालन शुरू हो जाएगा। इसे लेकर रेल मंत्रालय को पूर्व में विभाग की ओर से एक प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
रेलवे अधिकारी अपनी तरफ से ट्रेन संचालन को लेकर हर तरह की तैयारी पूरी कर लेना चाहते हैं। इसी क्रम में एनईआर वाराणसी के सीनियर डीओएम ने एक पत्र जारी कर सभी मातहतों एवं कार्यदायी संस्था को अवशेष कार्य तीन दिन में पूरा करने को कहा है, ताकि मंत्रालय की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद इस नए रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सके।
1766 करोड़ की 51 किमी. लंबी ताडी़घाट-मऊ रेल विस्तारीकरण परियोजना के अंतर्गत पहले चरण की 9.600 किमी लंबी एवं करीब बारह सौ करोड़ की लागत वाली इस परियोजना की आधारशिला पीएम ने 14 नवंबर 2016 को रखी थी। परियोजना के पहले चरण के तहत सोनवल में करीब 25 करोड़ की लागत से 620 मीटर लंबा नया स्टेशन, पैनल रूम, रिले रूम आदि बनकर तैयार है। यहां चार प्लेटफार्म, एक एफओबी के अलावा यार्ड परिसर में सात ट्रैक भी बिछाए गए हैं। इसके साथ ही यात्रियों के लिए जरूरी हैंडपंप, पेयजल बूथ, शेल्टर का काम तेजी से चल रहा है। पूरे परिसर एवं प्लेटफार्म पर रोशनी के लिए तीन हाइमास्ट लाइटें एवं 110 एलईडी लाइटें लगाने का काम पूरा हो चुका है।
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी डिवीजन के रूट पर नंदगंज से मालगाडी़, जबकि वाराणसी सिटी स्टेशन से मेमू गाडी संचालन की योजना बना रहा है। दूसरी ओर पूर्व मध्य रेलवे दानापुर-डीडीयू से दिलदारनगर होते हुए सोनवल, गाजीपुर से वाराणसी सिटी स्टेशन तक सवारी गाड़ी चलाने की रूपरेखा बनाई जा रही है। इसे लेकर ईसीआर एवं एनईआर के अधिकारियों के बीच जानकारियों का आदान-प्रदान तेज हो गया है।
इस नए रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। इसके लिए एनईआर वाराणसी के सीनियर डीओएम ने एक पत्र जारी कर सभी मातहतों एवं कार्यदायी संस्था को अवशेष कार्य तीन दिन में पूरा करने को कहा है, ताकि रेलवे मंत्रालय की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद इस नए रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सके।
नए रूट पर नंदगंज से मालगाडी एवं वाराणसी सिटी से मेमू ट्रेन संचालन शुरू करने के लिए संबंधित मातहतों एवं कार्यदायी संस्था को तीन दिन के अंदर सभी तरह के अवशेष कार्य पूरा करने को कहा गया है, ताकि इसके बाद ट्रेन संचालन शुरू हो सके। इसे लेकर रेल मंत्रालय को भी एक प्रस्ताव भेजा जा चुका है।- अजय प्रताप सिंह, सीनियर डीओएम पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी डिवीजन